जबलपुर। शहर के हनुमानताल में गत सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। पूजा सामग्री का विसर्जन करने पहुंची एक शिक्षिका संतुलन बिगड़ने से अपनी एक्टिवा सहित तालाब के गहरे पानी में जा गिरीं। महिला को डूबता देख वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों की तत्परता से समय रहते उनकी जान बचा ली गई।
जानकारी के अनुसार, पेशे से शिक्षिका महिला गत सुबह हनुमानताल पूजा सामग्री का विसर्जन करने पहुंची थीं। वह अपनी एक्टिवा से तालाब के किनारे तक गईं। इसी दौरान किनारे पर फिसलन और असंतुलन के कारण उनका संतुलन बिगड़ गया और वह गाड़ी सहित सीधे गहरे पानी में जा गिरीं। अचानक हुई इस घटना से आसपास मौजूद लोग घबरा गए और मदद के लिए शोर मचाने लगे।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर तैनात हनुमानताल थाने के एएसआई चतुर्भुज और आरक्षक दिलीप दुबे ने बिना देर किए साहस का परिचय दिया। दोनों पुलिसकर्मी तुरंत पानी में कूद पड़े। गहराई अधिक होने और वाहन के भार के कारण महिला को बाहर निकालना आसान नहीं था, लेकिन कड़ी मशक्कत के बाद पुलिसकर्मियों ने शिक्षिका को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पानी से बाहर निकालते ही उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। कुछ देर बाद उनकी स्थिति सामान्य हो गई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह पहली घटना नहीं है। कुछ दिन पहले भी हनुमानताल में एक ऑटो पानी में जा गिरा था। उस घटना के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया। लगातार हो रहे ऐसे हादसों ने तालाब किनारे की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि तालाब के कई हिस्सों में खुली जगहें हैं, जहां कोई मजबूत बाउंड्री वॉल या रेलिंग नहीं है। सुबह-शाम बड़ी संख्या में लोग यहां टहलने, पूजा करने और विसर्जन के लिए आते हैं। बरसात के मौसम में जलस्तर बढ़ने और ओवरफ्लो की स्थिति बनने पर खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है। फिसलन और पानी के बढ़ते स्तर के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते ठोस इंतजाम नहीं किए गए तो बारिश के दौरान दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ सकती है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थान जोखिम भरा साबित हो सकता है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि हनुमानताल के खुले और संवेदनशील स्थानों पर मजबूत बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जाए। साथ ही चेतावनी बोर्ड, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा गार्ड की तैनाती भी बढ़ाई जाए। धार्मिक आस्था से जुड़े इस प्रमुख स्थल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम आवश्यक बताए जा रहे हैं।