जबलपुर। सरकारी नौकरी में चपरासी के पद से शुरुआत कर सहायक ग्रेड-2 तक पहुंचे सुभाष शर्मा के खिलाफ लोकायुक्त की आय से अधिक संपत्ति की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जबलपुर लोकायुक्त ने शनिवार सुबह 5.30 बजे सुभाष शर्मा के जबलपुर स्थित निवास और फार्म हाउस समेत अन्य ठिकानों पर छापा मारा। प्रारंभिक जांच में लोकायुक्त ने आरोपी की कुल आय की तुलना में 543.19 प्रतिशत अनुपातहीन संपत्ति पाए जाने की बात कही है। कार्रवाई अभी जारी है, इसलिए संपत्ति और दस्तावेजों का आंकड़ा आगे और बढ़ने की संभावना है।
सुभाष शर्मा वर्तमान में क्षेत्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज प्रशिक्षण केंद्र, सिवनी में सहायक ग्रेड-2 के पद पर पदस्थ हैं। उनका निवास जबलपुर के अम्बेडकर कॉलोनी, राजीव गांधी वार्ड में है। लोकायुक्त को सुभाष शर्मा द्वारा आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी। शिकायत के सत्यापन के बाद प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए, जिसके आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पत्नी के नाम जमीन और करोड़ों की संपत्ति
लोकायुक्त की प्रारंभिक छानबीन में सुभाष शर्मा और उनकी पत्नी शीला शर्मा के नाम पर बड़ी संख्या में जमीन, प्लॉट, मकान और फार्म हाउस सामने आए हैं। इनमें से कई संपत्तियां पत्नी के नाम पर खरीदी गई हैं।
लोकायुक्त एसपी अंजू लता के मुताबिक पाटन तहसील के लोहारी में पत्नी के नाम कृषि भूमि मिली है, जिसकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ 11 लाख 2 हजार 156 रुपए बताई गई है। इसी क्षेत्र के मुरगवां में करीब 25 लाख 91 हजार 658 रुपए कीमत की भूमि भी सामने आई है।इसके अलावा गोहलपुर, आधारताल में कई प्लॉट मिले हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 47 लाख 48 हजार 996 रुपए बताई गई है। सबसे बड़ी संपत्तियों में करमेता, आधारताल में 4581 वर्गफुट भूमि शामिल है, जिसकी अनुमानित कीमत लोकायुक्त ने करीब 2 करोड़ 88 लाख 45 हजार 288 रुपए आंकी है।
दो मंजिला आलीशान मकान और फार्म हाउस भी
जांच के दौरान अम्बेडकर कॉलोनी स्थित दो मंजिला मकान भी सामने आया है। लोकायुक्त के अनुसार करीब 2800 वर्गफुट भूखंड पर निर्मित इस मकान में कुल 4800 वर्गफुट का निर्माण है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 65 लाख रुपए बताई गई है।इसके अलावा पारस कॉलोनी में पत्नी के नाम एक अन्य दो मंजिला मकान मिला है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपए बताई गई है।लोकायुक्त टीम को ग्राम लोहारी, तहसील पाटन में करीब 3000 वर्गफुट में बना फार्म हाउस भी मिला है। इसमें पक्का निर्माण किया गया है, जिसकी अनुमानित लागत करीब 52 लाख रुपए बताई गई है।
आय के मुकाबले 543.19 प्रतिशत संपत्ति
लोकायुक्त की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सुभाष शर्मा की ज्ञात आय की तुलना में संपत्ति और खर्च का अनुपात 543.19 प्रतिशत है। यानी जांच में उनकी आय के मुकाबले कई गुना अधिक संपत्ति का हिसाब सामने आया है। हालांकि लोकायुक्त ने स्पष्ट किया है कि यह प्रारंभिक जांच का आंकड़ा है और छापे की कार्रवाई पूरी होने तथा सभी दस्तावेजों की जांच के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
सुबह-सुबह दो टीमों ने एक साथ दी दबिश
कार्रवाई को अंजाम देने के लिए लोकायुक्त ने दो टीमें बनाई थीं। पहली टीम का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक रेखा प्रजापति ने किया, जिसमें निरीक्षक जितेन्द्र यादव, राहुल गजभिये, शशिकला मस्कुले सहित अन्य सदस्य शामिल रहे। दूसरी टीम का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक नीतू त्रिपाठी ने किया, जिसमें निरीक्षक उमा कुशवाह सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।
लोकायुक्त पुलिस महानिदेशक योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश तथा पुलिस उप महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई।
दस्तावेज, बैंक खाते और निवेश भी जांच के दायरे में
छापे के दौरान टीम द्वारा संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज, बैंक खातों, निवेश और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। लोकायुक्त अब यह पता लगाने में जुटी है कि सामने आई संपत्तियां कब और किस आय के स्रोत से अर्जित की गईं। साथ ही पत्नी के नाम खरीदी गई संपत्तियों के वास्तविक स्रोत की भी पड़ताल की जा रही है।फिलहाल लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है। छापे की कार्रवाई पूरी होने और दस्तावेजों के मूल्यांकन के बाद सुभाष शर्मा की कुल संपत्ति तथा आय से अधिक संपत्ति का अंतिम आंकड़ा सामने आने की उम्मीद है।