गुरु हरिकिशन प्रकाशोत्सव पर रातभर गूँजी पवित्र गुरुवाणी

जबलपुर सिख धर्म के , आठवें गुरु हरिकिशन साहिबजी महाराज का पवित्र प्रकाशोत्सव नगर के विभिन्न गुरुद्वारों में भव्य कीर्तन दरबार और गुरु का लंगर आदि आयोजनों के साथ धूमधाम और श्रद्धा भक्ति के साथ मनाया गया । इस मौके पर गुरुद्वारा मढ़ाताल में रागी जत्था भाई नरिंदर सिंह एवं साजिंदे साथियों ने मनोहारी गुरुवाणी शबद कीर्तन के दौरान कहा कि मात्र 5 वर्ष की आयु में गुरुजी गुरुगद्दी पर विराजमान हुए, इसलिए उन्हें बाला प्रीतम कहकर नवाजा गया। उन्होंने दिल्ली में भीषण चेचक की महामारी से लोगों को मात्र चमत्कारी जल से ही ठीक कर मानवता की अनथक सेवा का पैगाम दिया। मरीजों की सेवा करते हुए स्वयं भी चेचक की चपेट में आ गए और मात्र 8 वर्ष की आयु में ही परलोक गमन किया । इस दौरान यहां पूरी रात रैन सवाई गुरुवाणी कीर्तन दरबार में आसा दी वार, पंजवाणी नितनेम अरदास एवं हुकुमनामा आदि कार्यक्रम सम्पन्न हुए । नाश्ता एवं गुरु का लंगर पूरी रात वितरित किया गया। इसके साथ ही गुरुद्वारा माइयां, इकबाल भवन में सिख नारी मंच, गुरुद्वारा गोरखपुर में सिख सेवक जत्था, गुरुग्रंथ साहिब भवन, प्रेमनगर में अखंड कीर्तनी जत्था, के साथ ही विभिन्न स्थानों पर प्रकाशोत्सव उल्लासपूर्वक मनाया गया।