जबलपुर। करोड़ों रुपये खर्च कर शहर को स्मार्ट बनाने के दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है। शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल यातायात थाना से आगे महाराष्ट्र हाई स्कूल रोड पर सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर वर्ष केवल खानापूर्ति के लिए डामरीकरण किया जाता है, लेकिन कुछ ही समय बाद सड़क फिर उखड़ जाती है और राहगीरों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता हैस्थिति यहीं तक सीमित नहीं है। सड़क किनारे स्थित प्रसिद्ध मंदिर के पास नाली का चैंबर लंबे समय से खुला पड़ा है। उसमें कचरा जमा होने लगा है, जिससे क्षेत्र में लगातार दुर्गंध फैल रही है। मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं और आसपास के व्यापारियों को बदबू और गंदगी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। खुले चैंबर के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है।
विडंबना यह है कि इसी क्षेत्र में स्वच्छ सर्वेक्षण की टैगलाइन तो दिखाई देती है, लेकिन उसके ठीक आगे खुली नालियां, बिखरा कचरा और बदहाल सड़कें स्वच्छता और स्मार्ट सिटी के दावों की पोल खोल रही हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अनदेखी के कारण न तो सड़क के गड्ढे भरे जा रहे हैं और न ही नालियों की नियमित सफाई हो रही है। बरसात के मौसम में यह स्थिति और गंभीर हो जाती है, जिससे जलभराव, दुर्घटनाओं और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
नागरिकों ने मांग की है कि नगर निगम तत्काल सड़क की मरम्मत, खुले चैंबर को सुरक्षित ढंग से बंद करने और क्षेत्र की नियमित सफाई सुनिश्चित करे,