जबलपुर। मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने आज जबलपुर लोकसभा सांसद आशीष दुबे को ज्ञापन सौंपकर बताया कि प्रदेश में पुरूष बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के साथ लगातार छलावा हो रहा है। शासन द्वारा 1484 सुपरवाईजर के पदों को डाईंग कैडर घोषित कर दिया गया है, जबकि सुपरवाईजर कार्यरत हैं, यह नियम विरूद्ध है। एमपीडब्ल्यू का प्रमोशन सुपरवाईजर के पद पर होता है पंरतु सुपरवाईजर का पद डाईंग कैडर होने के कारण अधिकारियों द्वारा उनकी पदोन्नति नहीं की जा रही है, जिससे एमपीडब्ल्यू जीवन भर एक ही पद पर कार्य करता रहेगा उसे किसी भी प्रकार की पदोन्नति नहीं मिल पायेगी। इसके साथ ही एमपीडब्ल्यू/एएनम को समयमान वेतनमान में भी विसंगति शासन द्वारा की गई है। समयमान का मूलउद्देश्य उच्च पद का वेतनमान देना है परंतु वित विभाग द्वारा उच्च पदों का वेतनमान न देते हुए एमपीडब्ल्यू के लिए अलग से ही समयमान सारणी जारी कर दी गई है जो उच्च पदो के वेतनमान से अत्यंत कम है। इस प्रकार सभी तरह से पुरूष बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का शासन द्वारा शोषण किया जा रहा है। मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के अटल उपाध्याय, आलोक अग्निहोत्री, ब्रजेश मिश्रा, इंद्रजीत मिश्रा, रजनीश उपाध्याय, शहजाद द्विवेदी, योगेश कपूर, टीकाराम मेहरा, अमित गौतम, शैलेन्द्र दुबे, अर्जुन सोमवंशी, राजा राम डेहरिया, इत्यादि समस्त कर्मचारियों ने विसंगति को दूर कराने की मांग की है I