(जबलपुर) भगवान दत्तात्रेय के वैदिक मंत्रों से अग्नि देव को अर्पित की आहूति – पांच दिवसीय यज्ञ का शुभारंभ

जबलपुर। जबलपुर में प्रथम बार श्री दत्त भजन मंडळ गोलबाजार द्वारा पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य मे आयोजित पांच दिवसीय दत्तयाग का शुभारंभ हुआ । प्रातःकाल मे नांदीश्राद्ध, पुण्याहवाचन, मातृका पूजन से यज्ञपूर्व प्रक्रिया शुरू हुई. उसके पश्चात मंडप पूजन, ऋग्वेद-अथर्ववेद-यजुर्वेद-सामवेद द्वारपूजन के साथ साथ कलश पूजन करने के पश्चात अरणी द्वारा अग्नी को प्रज्वलित किया गया.यज्ञ में अरणी द्वारा अग्नि प्रज्वलन (अरणी मंथन) एक प्राचीन वैदिक प्रक्रिया है, जिसमें दो विशेष लकड़ियों (अरणी) को आपस में रगड़कर (मंथन) घर्षण द्वारा अग्नि उत्पन्न की जाती है.यह अग्नि यज्ञ के लिए सबसे पवित्र और शुद्ध मानी जाती है, तथा यही प्रत्यक्ष अग्निदेवता कहलाती है. अरणी से प्राप्त अग्नी को यज्ञकुंड मे प्रस्थापित किया गया. दुसरे चरण मे क्षेत्रपालपीठ, नवग्रहपीठ, योगिनीपीठ, वास्तुपीठ दत्तात्रेय देव पूजन होने के बाद मुख्य यजमान सौ. माधुरी सुनील नाजवाले सहयजमान अभय गोरे, सुधीर नाईक, विनायक सरवटे, श्रीराम मुठे, डॉ. बी. के. पानसे, अविनाश भावे, महेश कवीश्वर, जस्टिस प्रकाश नावलेकर, डॉ. जितेन्द्र जामदार, नितिलाक्ष देसाई द्वारा सपत्नीक यज्ञवेदी पर उपस्थित होकार विश्व कल्याण के लिए सभी ने आहुती अर्पण की गई. यज्ञ के यज्ञाचार्य ऋत्विजत्व वेदमूर्ती कृष्णशास्त्री आर्वीकर, नागपूर, पंडित गणेश नारायण पाळंदे वाराणसी, तथा महाराष्ट्र ब्रह्मवृंद समाज द्वारा किया गया.
यज्ञ मे विजय भावे,शरद आठले,अनिल राजूरकर, अश्विनी परांजपे,मुरलीधर पाळंदे, विश्वनाथ वैद्य, स्नेहा आठले, मनीषा भावे, चित्रा ताम्हनकर, रंजना वर्तक, अर्पणा राजूरकर, नितीन देसाई सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त जनों की उपस्थिति रही। पांच दिवसीय यज्ञ की पूर्णाहुती 25 मई को होगी.