जाम में फंसा जबलपुर; ट्रैफिक सिस्टम बेबस, दुकानों का सामान सड़क तक और बेतरतीब पार्किंग ने बढ़ाई मुश्किल


जबलपुर। ईद मिलादुन्नबी और रक्षाबंधन के त्योहार नजदीक आते ही मौसम साफ होते ही शहर के बाजारों में खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी है। प्रमुख बाजारों में पैर रखने तक की जगह नहीं है, लेकिन बढ़ती भीड़ के बीच शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी नजर आ रही है। सड़कें बाजार बन गई हैं और बाजार जाम में तब्दील हो गए हैं। आम आदमी घंटों जाम में फंसकर परेशान हो रहा है। ईद मिलादुन्नबी का पर्व 26 अगस्त को, रक्षाबंधन 28 अगस्त को और कजलियों का पर्व 29 अगस्त को मनाया जाएगा। त्योहारों की खरीदारी के लिए शहर के गंजीपुरा, नॉर्मल स्कूल रोड, बड़ा फव्वारा, कोतवाली कमानिया, अंधेरदेव, गढ़ा फाटक, मदनमहल, गलगला, नरघैया, मुकादमगंज, उपनगरीय क्षेत्र रांझी, गोरखपुर, अधारताल और सदर के बाजारों में भारी भीड़ पहुंच रही है।

सड़क पर सजी दुकानों ने बिगाड़ा पूरा खेल…….

त्योहारी सीजन में कई कपड़ा और अन्य दुकानदारों ने सामान व डमी सड़क के बड़े हिस्से तक लगा रखे हैं। इसके कारण पहले से संकरी सड़कें और संकरी हो गई हैं। दूसरी तरफ दुकानों के सामने वाहन खड़े होने से आवागमन के लिए बेहद कम जगह बच रही है।हालात यह हैं कि कई बाजारों की सड़कों पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। कार पार्किंग के लिए सड़क का इस्तेमाल होने से यातायात की रफ्तार थम रही है और कुछ ही मिनटों में लंबा जाम लग जा रहा है।

जहां जगह मिली, वहीं मुड़ रहे ई-रिक्शा………..

ई-रिक्शा और ऑटो की मनमानी भी जाम की बड़ी वजह बन गई है। चालक बीच सड़क में कहीं से भी वाहन मोड़ देते हैं। कई जगह ई-रिक्शा और ऑटो कतार लगाकर खड़े रहते हैं, जिससे पीछे वाहनों की लंबी लाइन लग जाती है। निवाड़गंज, रानीताल चौराहा से गढ़ा फाटक रोड होते हुए शंकर घी भंडार मंदिर क्षेत्र की ओर जाने वाले मार्ग पर भी ई-रिक्शा और चार पहिया वाहनों की आवाजाही से यातायात प्रभावित हो रहा है।

दमोह नाका से रानीताल तक परेशानी………..

दमोह नाका से लेकर रानीताल चौराहे तक कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनी हुई है। रानीताल चौराहे पर बीच सड़क ऑटो और कारों के खड़े होने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। बलदेवबाग और आसपास के क्षेत्रों में भी कमोबेश यही हाल है। हैरानी की बात यह है कि कई स्थानों पर पुलिस बल मौजूद होने के बावजूद यातायात व्यवस्था को सुचारु कराने की बजाय हेलमेट और चालान की कार्रवाई पर ज्यादा जोर दिखाई दे रहा है। त्योहार के समय जब बाजारों में भीड़ चरम पर है, तब प्राथमिकता ट्रैफिक मैनेजमेंट और जाम से राहत देने की होनी चाहिए।

सिविक सेंटर और गोरखपुर भी जाम की चपेट में…………..

सिविक सेंटर और समदड़िया मॉल के आसपास भी त्योहार की खरीदारी के कारण यातायात का दबाव बढ़ गया है। गोरखपुर बाजार में भी लोगों को जाम से जूझना पड़ रहा है।गलगला और गुरंदी बाजार की स्थिति तो और ज्यादा खराब बताई जा रही है। यहां दिनभर ऑटो और लोडिंग वाहनों से सामान चढ़ाने-उतारने का सिलसिला चलता रहता है। लोडिंग-अनलोडिंग का कोई निर्धारित समय नहीं होने से बाजार के व्यस्त समय में भी भारी वाहन और लोडिंग वाहन सड़क पर खड़े रहते हैं।

लोडिंग-अनलोडिंग का समय तय करने की जरूरत…………..

व्यापारियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि त्योहारों के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन को तत्काल विशेष ट्रैफिक प्लान लागू करना चाहिए। खासकर व्यस्त बाजारों में लोडिंग-अनलोडिंग का समय निर्धारित किया जाना जरूरी है। व्यापारियों का सुझाव है कि लोडिंग-अनलोडिंग का काम सुबह 8 बजे से पहले अथवा रात 10 बजे के बाद कराया जाए, ताकि दिन के व्यस्त समय में बाजार की सड़कें बाधित न हों।

पुलिस, जनप्रतिनिधि और व्यापारियों में बने समन्वय……..

त्योहारों के दौरान बाजारों में भीड़ स्वाभाविक है, लेकिन बेहतर यातायात प्रबंधन से लोगों की परेशानी कम की जा सकती है। इसके लिए पुलिस, नगर निगम, जनप्रतिनिधियों और व्यापारी संगठनों के बीच समन्वय जरूरी है।
व्यापारियों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को भी इस समस्या में हस्तक्षेप कर प्रशासन और व्यापारियों के बीच बेहतर तालमेल बनाना चाहिए। सड़क पर अतिक्रमण, अवैध पार्किंग, ई-रिक्शा के बेतरतीब संचालन और लोडिंग-अनलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण के बिना त्योहारों के दौरान जाम से राहत मिलना मुश्किल है। बाजारों की मौजूदा तस्वीर देखकर सवाल यही है—खरीदारी करने निकला शहर जाम से कब आजाद होगा?