इशारों इशारों में दिल लेने वाले स्वर मल्लिका आशा भोंसले को गुंजन की गीतांजलि

जबलपुर

स्वर मल्लिका आशा भोंसले को गीतांजलि/ गीतों की भावनाओं को अपनी आवाज से  वास्तविक अभिव्यक्ति देने की जो कला आशा भोंसले में थी उसने उन्हें विशिष्ट बना दिया । दुनिया उनके गीत कभी नहीं भूल सकती । उपरोक्त आशय के विचार शहीद स्मारक में आयोजित “सुर मल्लिका आशा भोंसले को समर्पित गीतांजलि” कार्यक्रम में अतिथियों पूर्व जिला – सत्र न्यायाधीश चंद्रेश खरे एवं संदीप जैन वैष्णव ने व्यक्त किए । कार्यक्रम गुंजन कला सदन एवं संस्कारधानी आर्टिस्ट आर्गनाइजेशन के संयुक्त तत्वावधान में शहीद स्मारक सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के सहयोग से आयोजित किया गया। अतिथियों के साथ गुंजन के प्रांतीय महामंत्री लायन नरेन्द्र जैन, सुरेश सराफ, हिमांशु तिवारी, अभय जैन, आलोक पाठक,विवेक सोनी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से कार्यक्रम प्रारम्भ हुआ। अतिथियों का स्वागत अभिषेक अग्रवाल, राजेश गुप्ता, इंजी. प्रदीप जैन, अरुण पवार, मयूर डेंगरा,लायन यशवंत सेंगर,  कमलेश चढ़ार, सुमन ठाकुर, सुभाष जायसवाल, रमाकांत गौतम ने किया । गुंजन के नगर अध्यक्ष सुनील श्रीवास्तव ने नए मनोनीत पदाधिकारियों का परिचय दिया । इस अवसर पर डॉ. रजनीश गर्ग के संचालन में अतिथियों सहित संस्था के सुरेश सराफ, लायन नरेन्द्र जैन, विजय जायसवाल, हिमांशु तिवारी ने कलाकार बबलू मैथ्यूज, तृप्ति निगम एवं श्रीमती कमलेश नायक को अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मानित किया ।
     इन आंखों की मस्ती में, कभी किसी को मुकम्मल जहां, किसी नजर को तेरा इंतजार, इशारों इशारों में दिल, संसार है एक नदिया जैसे 20 से अधिक गीत तेजल विश्वकर्मा, जय क्षत्रिय, मुन्ना गूजर, राखी मजूमदार, दिलीप कोरी, कंचन, बबलू मैथ्यूज, संध्या पांडेय, विशाल एवं निधि सिंह ने प्रस्तुत किए । वादक कलाकारों में निर्देशक बबलू मैथ्यूज के साथ जतिन छिपेलकर, शाजी वर्गिस, मुन्ना गूजर, अरविंद, मनोज, लकी एवं अंकुर झा शामिल रहे । संचालन प्रतुल श्रीवास्तव, राजेश पाठक “प्रवीण ” ने आभार नवनीत श्रीवास्तव एवं अभिषेक अग्रवाल ने किया ।