गाजीनगर में गरीब परिवारों की गृहस्थी उजड़ी, भीषण आग में 20 से ज्यादा झुग्गियां खाक


जबलपुर। शहर के गोहलपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गाजीनगर स्थित लेमा गार्डन के पास झुग्गी बस्ती में देर रात आग ने भीषण तबाही मचा दी। देखते ही देखते आग की लपटों ने एक के बाद एक झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी विकराल थी कि बस्ती में रहने वाले परिवारों को अपना सामान तक निकालने का मौका नहीं मिला। नगर निगम दमकल सूत्रों के मुताबिक 20 से अधिक झुग्गियों के जलने की बात सामने आई है। इस अग्निकांड में गरीब परिवारों की वर्षों की मेहनत से जुटाई गई गृहस्थी, नकदी, अनाज, कपड़े और जरूरी सामान जलकर राख हो गया। गनीमत रही कि अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली है।

अख्तरी बी की जिंदगीभर की पूंजी राख…….

अग्निकांड से प्रभावित अख्तरी बी की पीड़ा हर किसी को विचलित कर देने वाली है। उन्होंने बताया कि जब बस्ती में लोगों ने एक-दूसरे को आवाज देकर आग लगने की सूचना दी और बाहर भागने को कहा, तो वह भी जान बचाकर घर से बाहर निकल आईं। देखते ही देखते उनका पूरा घर आग की चपेट में आ गया। अख्तरी बी के मुताबिक, घर में रखा अनाज, पानी, नकदी और मोबाइल तक जलकर नष्ट हो गया। वह पिछले 50-60 वर्षों से इसी बस्ती में रह रही हैं, लेकिन अब उनके पास न रहने के लिए छत बची है और न ही खाने-पीने का सामान। जीवनभर की मेहनत से जुटाई गई गृहस्थी एक ही रात में खत्म हो गई। अब परिवार के सामने भोजन और सिर छिपाने की जगह का संकट खड़ा हो गया है।

देर रात 2 बजे भड़की आग ………..

पूर्व पार्षद ताहिर अली ने बताया कि उन्हें रात करीब 2.00 बजे बस्ती में आग लगने की सूचना मिली थी। वह तत्काल मौके पर पहुंचे और नगर निगम को सूचना देकर दमकल वाहन बुलवाए। उनके अनुसार, आग में 20 से अधिक परिवारों की झुग्गियां प्रभावित हुई हैं। उन्होंने आग लगने के पीछे बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई। ताहिर अली ने बताया कि क्षेत्र में पहले भी आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं, इसके बावजूद बस्ती में स्थायी अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।

4 दमकल वाहन और टैंकरों ने संभाला मोर्चा……….

अग्निशमन विभाग के ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस नियंत्रण कक्ष से सूचना मिलते ही दमकल वाहनों को रवाना कर दिया गया था। आग की भयावहता को देखते हुए 4 दमकल वाहन और एक पानी के टैंकर मौके पर लगाए गए। दमकलकर्मियों ने लगातार पानी की बौछार कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग बुझाई जा सकी। वहीं, गोहलपुर नगर पुलिस अधीक्षक अखिलेश गौर ने बताया कि पुलिस और नगर निगम की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य में जुट गई। प्रारंभिक जानकारी में बस्ती में 30 से 35 परिवारों के निवास करने की बात सामने आई है। आग पूरी तरह बुझने के बाद नुकसान का आकलन किया जाएगा। फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि नहीं हुई है।

राख के ढेर के बीच बेघर परिवारों को मदद का इंतजार….

आग बुझने के बाद बस्ती में तबाही का मंजर साफ नजर आया। जिन झोपड़ियों में रात तक परिवारों की जिंदगी बसती थी, वहां अब केवल राख और जला हुआ मलबा बचा है। कई परिवारों के सामने अब न रहने का ठिकाना है और न ही भोजन की व्यवस्था। छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को लेकर प्रभावित परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन गुजारने को मजबूर हैं। प्रभावित परिवारों को तत्काल भोजन, कपड़े, आवश्यक सामग्री और अस्थायी आवास उपलब्ध कराने की जरूरत है। पूर्व पार्षद ताहिर अली ने मांग की है कि प्रशासन को नुकसान का सर्वे कर पीड़ितों को उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध करानी चाहिए, ताकि उजड़ी हुई जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाया जा सके।