जबलपुर। बरगी थाना अतंर्गत मानेगांव स्थित फनिंगो एडवेंचर पार्क में मार्च माह में हुए भीषण अग्निकांड के मामले में पुलिस ने जांच पूरी होने के बाद पार्क से जुड़े तीन संचालकों विजयनगर निवासी प्रभाकर जैन, जगदंबा कॉलोनी निवासी वेदांत कुमार दीवान और छोटा फुहारा निवासी बासु गुप्ता के खिलाफ धारा 106(1) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। हादसे में वेल्डिंग का कार्य कर रहे अशोक मरावी की जलकर मौत हो गई थी। घटनास्थल से बरामद कंकाल की पहचान बाद में डीएनए परीक्षण के जरिए अशोक मरावी के रूप में हुई थी। जांच में सामने आया कि पार्क में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे, जिसके चलते आग पर शुरुआती स्तर पर काबू नहीं पाया जा सका।
सुरक्षा की गंभीर अनदेखी…………
25 मार्च को हुई घटना के बाद जिला प्रशासन ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, सीएसपी बरगी, एमपीईबी, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम और अग्नि सुरक्षा अधिकारियों को शामिल कर संयुक्त जांच दल गठित किया था।
जांच रिपोर्ट में पाया गया कि गेम जोन की संरचना अस्थायी और अर्ध-स्थायी स्वरूप की थी तथा परिसर में फोम, प्लास्टिक और कपड़े जैसी अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री का उपयोग किया गया था। वहीं पर्याप्त अग्निशमन यंत्र और फिक्स्ड फायर फाइटिंग सिस्टम भी मौजूद नहीं था।
डीएनए जांच से हुई मृतक की पहचान …….
संयुक्त जांच में प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि घटना के समय परिसर में एग्जॉस्ट फैन लगाने के लिए वेल्डिंग का कार्य चल रहा था। वेल्डिंग के दौरान निकली चिंगारियां पास रखी ज्वलनशील सामग्री के संपर्क में आने से आग तेजी से फैल गई। जांच में यह भी सामने आया कि पार्क का बीमा नहीं कराया गया था और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी। पुलिस के अनुसार तिलवारा निवासी गार्ड अजय पटेल की सूचना पर आगजनी का मामला दर्ज किया गया था। वहीं चौरई निवासी लोचन गोंड ने अपने जीजा अशोक मरावी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। बाद में अशोक की बेटी अंजली मरावी के रक्त नमूने और घटनास्थल से मिले अवशेषों की डीएनए जांच के बाद मृतक की पहचान सुनिश्चित हुई।