जबलपुर। होटल शॉन एलिजी में रविवार को ब्रेस्ट एवं गायनेक-ऑन्कोलॉजी कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। एसोसिएशन ऑफ गायनेकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजिस्ट्स ऑफ इंडिया (एजीओआई), जबलपुर ऑब्स्टेट्रिक एंड गायनेकोलॉजिकल सोसायटी (जेओजीएस) तथा शहर के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष गुप्ता और डॉ. प्रशांत जैन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कॉन्फ्रेंस में देशभर से कैंसर विशेषज्ञ शामिल हुए।कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन पद्मश्री एवं पद्म विभूषण से सम्मानित प्रसिद्ध कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेश आडवाणी, मेडिकल कॉलेज जबलपुर के डीन डॉ. नवीन सक्सेना एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कुठारी ने किया। डॉ. सुरेश आडवाणी ने कैंसर के उपचार में अपनाई जा रही नवीनतम पद्धतियों तथा इम्यूनोथेरेपी के उपयोग पर विस्तार से जानकारी दी।
दिल्ली से आईं डॉ. प्रिया गणेश कुमार ने सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम और बीमारी की शुरुआती अवस्था में पहचान के तरीकों पर प्रकाश डाला। प्रसिद्ध कैंसर सर्जन डॉ. अंशुमन कुमार ने स्तन कैंसर की सर्जरी, ऑन्कोप्लास्टिक सर्जरी तथा अंडाशय के कैंसर में उपयोग की जा रही आधुनिक शल्य चिकित्सा तकनीकों की जानकारी दी।
टाटा मेमोरियल अस्पताल, मुंबई की ऑन्कोपैथोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. नूपुर केंकरे ने महिलाओं में होने वाले विभिन्न प्रकार के कैंसर की पैथोलॉजी के संबंध में व्याख्यान दिया। नागपुर की रोबोटिक गायनेक-ऑन्कोलॉजी सर्जन डॉ. ममिता बाग ने सर्विक्स एवं गर्भाशय के कैंसर में रोबोटिक सर्जरी के उपयोग की जानकारी दी।
मुंबई की डॉ. शनाया पंडोरवाला ने पेरिटोनियल डिजीज में हाइपेक (HIPEC) के उपयोग पर जानकारी साझा की। नागपुर के डॉ. आनंद पाठक ने कैंसर उपचार में दवाओं, नैनो तकनीक एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते उपयोग पर चर्चा की। इंदौर के मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. सुमित लोकवानी ने नेक्स्ट जनरेशन सीक्वेंसिंग (एनजीएस) और पैनल डिस्कशन का संचालन किया। उन्होंने महिलाओं में होने वाले विभिन्न कैंसर की शुरुआती पहचान के तरीकों पर भी जानकारी दी।
हैदराबाद के डॉ. सत्य दत्तात्रेय ने अंडाशय एवं गर्भाशय के कैंसर में उपयोग होने वाली प्रारंभिक उपचार पद्धतियों से लेकर नवीनतम लक्षित उपचार एवं इम्यूनोथेरेपी तक की जानकारी दी। रायपुर की डॉ. सुमन मित्तल एवं चोइथराम अस्पताल, इंदौर के डॉ. विकास असाटी ने स्तन कैंसर की सर्जरी एवं उपचार में आ रही नवीनतम तकनीकों पर प्रकाश डाला।
एजीओआई की अध्यक्ष डॉ. कविता सिंह ने संस्था की गतिविधियों एवं उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी। कॉन्फ्रेंस में जबलपुर सहित आसपास के शहरों से स्त्री रोग विशेषज्ञ, पैथोलॉजिस्ट तथा मेडिकल कॉलेज के स्नातकोत्तर विद्यार्थी शामिल हुए।
समापन अवसर पर जेओजीएस अध्यक्ष डॉ. नीता पाराशर, सचिव डॉ. रोमा नाग तथा कैंसर एवं रक्त रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष गुप्ता एवं डॉ. प्रशांत जैन ने सभी विशेषज्ञों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम में डॉ. संगीता श्रीवास्तव, डॉ. स्नेहा प्रभा चौबे, डॉ. शशि खरे, डॉ. रूपलेखा चौहान, डॉ. सोनल रिछारिया, डॉ. स्वराज नायक, डॉ. सुलेखा दीवानी, डॉ. गीता गुइन, डॉ. रेखा जेम्स, डॉ. शिरीष जामदार, डॉ. ऋचा बहरानी, डॉ. अरविंद लेले, डॉ. मानिक पांसे एवं डॉ. ऋचा धीरवानी सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे।