साइबर हेल्प डेस्क के लिए चयनित आरक्षकों को प्रशिक्षण के बाद प्रशस्ति पत्र


जबलपुर। साइबर अपराधों की बढ़ती संख्या, जागरूकता की कमी और साइबर ठगी के मामलों में गोल्डन आवर के दौरान पुलिस के तत्काल रिस्पांस की आवश्यकता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर जिले के सभी थानों में साइबर हेल्प डेस्क का संचालन शुरू किया गया है। प्रत्येक थाने में साइबर फ्रॉड, सोशल मीडिया फ्रॉड, मोबाइल गुम होने सहित साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती की जा रही है। साइबर हेल्प डेस्क में पदस्थापना के लिए पुलिस उप महानिरीक्षक जबलपुर रेंज अतुल सिंह द्वारा 41 आरक्षकों का साक्षात्कार लिया गया था। चयनित आरक्षकों को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध जितेन्द्र सिंह एवं उप पुलिस अधीक्षक साइबर सेल अंजुल अयंक मिश्रा के निर्देशन में साइबर अपराध से संबंधित विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के बाद सभी प्रशिक्षणार्थियों की टीम और व्यक्तिगत स्तर पर परीक्षा ली गई। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के मार्गदर्शन में 21 अगस्त को कंट्रोल रूम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर आयुष जाखड़ की मौजूदगी में परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आरक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान उप पुलिस अधीक्षक साइबर अंजुल अयंक मिश्रा सहित साइबर सेल के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। एकल पुरस्कार पाने वालों में मआर. 2353 दीपाली आठ्या, आर. 1079 सुरेंद्र बघेल, आर. 312 विजय कुमार पांडेय, आर. 624 शुभम तोमर, आर. 162 कामता प्रसाद मिश्रा तथा आर. यशवंत अहिरवार शामिल हैं।
टीम पुरस्कार में आर. 624 शुभम तोमर, आर. 162 कामता प्रसाद मिश्रा एवं मआर. शिवानी मोहनिया तथा दूसरी टीम में मआर. 1923 आरती लोधी, आर. 468 कोमल पिप्पल एवं आर. 2112 प्रिंस साहू को सम्मानित किया गया।प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सभी चयनित आरक्षकों को संबंधित थानों के साइबर हेल्प डेस्क पर भेज दिया गया है। ये कर्मचारी साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई कर पीड़ितों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे|