जबलपुर। पूज्य विश्वनाथ पुरी जी महाराज के पावन संरक्षण में बजरंग मठ, सूपाताल के वार्षिक उत्सव के द्वितीय दिवस पर प्रातः 4 बजे से विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन अनवरत जारी रहा। इसी क्रम में आयोजित मानस प्रवचन कार्यक्रम में पूज्य जगतगुरु डॉ. स्वामी नरसिंह देवाचार्य जी महाराज ने व्यास पीठ से गुरु महिमा का भावपूर्ण बखान किया।
महाराज जी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जिस व्यक्ति ने अपने जीवन में सतगुरु की भक्ति को प्रकट कर लिया, उसका इस लोक और परलोक दोनों में कल्याण हो जाता है। उन्होंने कहा कि गुरु की कृपा और भक्ति मनुष्य के जीवन को सही दिशा प्रदान करती है तथा उसे ईश्वर के निकट ले जाती है।
जगतगुरु जी ने बजरंग मठ को “दादा भगवान की तपोस्थली” बताते हुए कहा कि दादा भगवान के तन, मन और रोम-रोम में भगवान श्रीराम विराजमान हैं। उन्होंने कहा कि जिसने भी श्रद्धा एवं समर्पण के साथ दादा भगवान की भक्ति की, वह निश्चित रूप से ईश्वर के सन्निकट पहुंचा है। उन्होंने कहा कि आज बजरंग मठ में जिस आनंद और आध्यात्मिक ऊर्जा की वर्षा हो रही है, वह सब दादा भगवान की कृपा का प्रतिफल है।
मानस प्रवचन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तजन उपस्थित रहे और पूरे परिसर में भक्ति एवं आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।
इस अवसर पर विशेष रूप से देवज्ञ पंडित अरुण शर्मा, डॉ. नर्मदा प्रसाद शर्मा, पंडित अशोक मनोध्याय, बाबू शंकर सोनकर, डॉ. पवन स्थापक, भागीरथ जी शर्मा, भोलाराम खत्री जी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।