जबलपुर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल, केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुनराम मेघवाल ने सोमवार को ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ‘ संकल्प को लेकर जबलपुर के शहीद स्मारक गोल बाजार में आयोजित ढाई कि.मी. से अधिक लंबी पदयात्रा में सहभागिता कर उमड़े एक लाख से अधिक जनसैलाब को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह वही कांग्रेस पार्टी है जो नेताजी सुभाषचंद्र बोस की सगी नहीं हुई। जबलपुर में ही कांग्रेस के चुनाव में विजयी होने के बाद जवाहरलाल नेहरू को नेता घोषित किया गया था। जो नेताजी सुभाषचंद्र बोस के नहीं हुए, वह कांग्रेस नेता किसी के भी सगे नहीं हो सकते। राहुल गांधी न्याय की बात करते हैं, उनकी दादी इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को नहीं माना और सत्ता में बने रहने के लिए देश में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र का गला घोंटा था। मध्यप्रदेश और देश की जनता यह पूरी तरह जानती है कि कांग्रेस पार्टी देश की सत्ता संभालने लायक नहीं बची है।
*मुख्यमंत्री ने मंत्री राकेश सिंह को दिया का श्रेय :-* मुख्यमंत्री द्वारा सार्वजनिक मंच से दो बार मंत्री श्री राकेश सिंह का उल्लेख करते हुए आयोजन की सफलता का श्रेय देना उनके संगठनात्मक कौशल, जनसंपर्क और समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर जोड़ने की क्षमता का महत्वपूर्ण प्रमाण माना जा रहा है।
*- विदेशी ताकतों से धन लेकर भारत को अस्थिर करने की कोशिश करने वालों को बेनकाब करें – श्री हेमंत खण्डेलवाल*
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध करने वाले राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को यह मालूम होना चाहिए कि कांग्रेस के शासनकाल में कई बार एसआईआर हुआ है। भाजपा के शासनकाल में एक बार श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी और दूसरी बार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कार्यकाल में ही एसआईआर हुआ है। इसके अलावा आजादी के बाद जितने भी एसआईआर देश में हुए हैं, सभी कांग्रेस के शासनकाल में हुए हैं। बैलेट से चुनाव हारने वाली कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी सबसे अधिक चुनाव हारने के मामले में विश्व के सबसे बड़े नेता बन गए हैं। विदेशी ताकतों से धन से लेकर भारत को अस्थित करने की कोशिश करने वालों को जनता बेनकाब करे। केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि राहुल गांधी लोकतांत्रिक संस्थाओं को धमकाकर देश में अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी और उसके नेता अपनी साख खो चुके हैं, इसलिए संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं। लोकतंत्र को बचाने और अराजकता फैलाने वालों को सबक सिखाने के लिए जनता आगे आए।
*कांग्रेस पार्टी को देश से समाप्त करने का जनता संकल्प ले चुकी है – डॉ. मोहन यादव*
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्तमान में देश के 80 प्रतिशत क्षेत्र में कांग्रेस समाप्त हो चुकी है। जिन 20 प्रतिशत क्षेत्र में कांग्रेस कुछ बची भी है, वह भी आने वाले चुनावों में समाप्त हो जाएगी। जबलपुर में उमड़े जनसौलाब ने बता दिया कि लोकतंत्र का गला घोंटने वाली कांग्रेस पार्टी का वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव में पूरे देश से सफाया हो जाएगा। लोकतंत्र और संविधान की दुहाई देने वाली कांग्रेस को पहले अपने इतिहास में झांकना चाहिए। जिस पार्टी ने देश पर आपातकाल थोपकर लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलने का काम किया, उसे आज लोकतंत्र पर उपदेश देने का नैतिक अधिकार नहीं है। जबलपुर की जनता कांग्रेस की राजनैतिक बेईमानी और उसके इतिहास को भली-भांति जानती है। कांग्रेस चुनाव में हारने के बाद कभी ईवीएम, कभी चुनाव आयोग और कभी एसआईआर को लेकर सवाल खड़े करती है। चुनाव जीतने पर लोकतंत्र की जीत और हारने पर संस्थाओं पर आरोप लगाना कांग्रेस की राजनीति का हिस्सा बन गया है। उन्होंने कहा कि देश की न्यायपालिका लोकतंत्र की मजबूत आधारशिला है और जबलपुर की धरती न्याय के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखती है।
*कांग्रेस में प्रधानमंत्री पद एक परिवार तक सीमित रखने की मानसिकता*
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव यादव ने कहा कि कांग्रेस में प्रधानमंत्री का पद भी एक परिवार तक सीमित रखने की मानसिकता रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने इस धारणा को बदलते हुए एक सामान्य गरीब परिवार से आने वाले व्यक्ति के लिए देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने का रास्ता प्रशस्त किया है। आज देश की जनता परिवारवाद नहीं, बल्कि काम और नेतृत्व के आधार पर निर्णय ले रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत का मान-सम्मान दुनिया में बढ़ा है। देश विकास, सुशासन और आत्मनिर्भरता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। कांग्रेस को जनता के इस विश्वास और जनादेश का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा केवल राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। आज बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि जनता लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व के प्रति अपना विश्वास व्यक्त कर रही है।
*लोकतंत्र की रक्षा किसी एक दल की नहीं, हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी – श्री हेमंत खण्डेलवाल*
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा किसी एक दल की नहीं, हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। जबलपुर की धरती पर हजारों की संख्या में नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों के लोगों की सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि देश की जनता लोकतंत्र विरोधी ताकतों और अराजकता फैलाने वाली राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी। कांग्रेस और राहुल गांधी एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर लगातार सवाल खड़े कर रहे हैं, जबकि यह प्रक्रिया कांग्रेस के शासनकाल में पहले कई बार हो चुकी है। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी देश को बताए कि वह मतदाता सूची के शुद्धिकरण का विरोध क्यों कर रही है? क्या कांग्रेस चाहती है कि विदेशी नागरिकों के नाम मतदाता सूची में बने रहें, मृत व्यक्तियों के नाम नहीं हटाए जाएं और एक ही व्यक्ति के नाम पर कई जगह मतदान की स्थिति बनी रहे? उन्होंने कहा कि चुनाव में लगातार पराजय का सामना कर रहे राहुल गांधी लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाकर अपनी राजनीतिक विफलता छिपाने का प्रयास कर रहे हैं। चुनाव में हारने पर कभी ईवीएम, कभी चुनाव आयोग और कभी एसआईआर को निशाना बनाना कांग्रेस की राजनीति का हिस्सा बन गया है। लोकतंत्र में मतदाता सूची की शुद्धता और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था बेहद आवश्यक है।
*हम सभी को मिलकर लोकतंत्र विरोधी ताकतों को उजागर करना होगा*
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ‘ संकल्प के साथ जबलपुर में आयोजित इस पदयात्रा में सभी समाजों, वर्गों और संगठनों ने जिस उत्साह से सहभागिता की है, वह सराहनीय है। यह अभियान केवल भारतीय जनता पार्टी का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास रखने वाले प्रत्येक नागरिक का अभियान है। हमें मिलकर लोकतंत्र विरोधी ताकतों को उजागर करना होगा और देश की एकता, अखंडता तथा संवैधानिक संस्थाओं की मजबूती के लिए कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई हम सबकी लड़ाई है। भारत को अस्थिर करने वाली ताकतों को हमें बेनकाब करना होगा। इतनी बड़ी संख्या में आए लोगों ने बता दिया कि लोकतंत्र बचेगा और अराजकता हटेगी। अराजकता करने वालों का समाज में कोई स्थान नहीं होगा। उन्होंने पदयात्रा में शामिल जनता और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि हम सभी के सामूहिक प्रयासों से लोकतंत्र मजबूत होगा और अराजकता फैलाने वाली ताकतों को जवाब मिलेगा।
*जनता लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध – श्री अर्जुनराम मेघवाल*
केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि पदयात्रा में जिस उत्साह और बड़ी संख्या में जनता की सहभागिता देखने को मिली है, वह इस बात का प्रमाण है कि देश की जनता लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 6 अक्टूबर को राहुल गांधी और उनके कुछ विपक्षी दलों के सांसद चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते थे। चुनाव आयोग ने उनसे पूछा कि आप कितने लोग मिलना चाहते हैं और आपका ज्ञापन क्या है? आप प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के नाम दे दीजिए, आपसे मुलाकात की जाएगी। लेकिन उन्होंने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के नाम नहीं दिए और इसके बाद अराजकता फैलाने के लिए सड़क पर उतर गए। आपने वह पूरा दृश्य देखा होगा कि किस तरह धक्का-मुक्की हुई। यह सब अराजकता का ही उदाहरण है। श्री मेघवाल ने कहा कि विपक्षी दलों के 10 लोग राष्ट्रपति जी से मिले। राष्ट्रपति जी ने उनसे कहा कि आप जो आरोप लगा रहे हैं, उसके प्रमाण प्रस्तुत कीजिए। लेकिन वे कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि यह पहली बार हुआ कि चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस सूर्यकांत जी को सामने आकर इस विषय पर अपनी बात रखनी पड़ी। 11 अक्टूबर की रात और 12 अक्टूबर 2026 को उन्होंने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट में कोई भी व्यक्ति याचिका के माध्यम से अपनी बात रख सकता है। हम याचिकाओं को सुनते हैं। यदि आपको याचिका लगानी है तो लगाइए, हम सुनेंगे। लेकिन इस तरह कुछ करने और धमकाने वाली भाषा का हम समर्थन नहीं करते।
*कांग्रेस और विपक्षी दल देश के नेतृत्व को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे*
केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और विपक्षी दल देश के नेतृत्व को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने ‘मोदी जी कहीं नहीं जाएंगे’ गीत गाकर कहा कि कांग्रेस पार्टी और विपक्षी दल कितने भी षड्यंत्र कर ले, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी कहीं नहीं जाने वाले हैं। वह आने वाले सालों में देश का नेतृत्व करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह पहली बार हुआ है जब देश के माननीय मुख्य न्यायाधीश को इस तरह स्पष्ट रूप से कहना पड़ा कि सुप्रीम कोर्ट को कोई धमका नहीं सकता। इसका अर्थ है कि राहुल गांधी और उनके साथी देश में अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे थे। आज जबलपुर की सड़कों पर इतनी बड़ी संख्या में आप सभी इसलिए आए हैं कि हम लोकतंत्र को बचाएंगे, अराजकता फैलाने वालों को सबक सिखाएंगे और अराजकता को हटाएंगे। यही हमारा संकल्प है और यही हमारा काम है।
*मंत्री राकेश सिंह ने जताया जबलपुर की जनता का आभार*
ऐतिहासिक पदयात्रा की अभूतपूर्व सफलता के बाद लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने इसमें सहभागी बने समस्त सामाजिक संगठनों, व्यापारिक संगठनों, खेल संघों, छात्र-छात्राओं, मातृशक्ति, युवा साथियों और जबलपुर की जागरूक जनता के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।
श्री राकेश सिंह ने कहा कि मैं आप सभी का आभारी हूं, जिनकी सहभागिता और सहयोग से संस्कारधानी जबलपुर में यह ऐतिहासिक कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जबलपुर की जनता ने अपनी उपस्थिति और सक्रिय भागीदारी से यह संदेश दिया है कि लोकतंत्र, संविधान और देश की एकता के प्रति हमारी आस्था अटूट है।
उन्होंने कहा कि आप सभी ने वास्तविकता को स्वीकार करते हुए कांग्रेस और तथाकथित अराजकता फैलाने वाली ताकतों को जबलपुर की धरती से स्पष्ट संदेश दिया है कि हम भारतीय हैं और हमारी आस्था देश के लोकतंत्र में है। हम किसी भी अराजकतावादी ताकत के साथ खड़े नहीं होंगे। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का विश्वास सर्वोपरि है और जबलपुर की जनता ने अपनी एकजुटता से इस विश्वास को मजबूती प्रदान की है।
मंत्री श्री सिंह ने कहा कि यह आयोजन किसी एक व्यक्ति या संगठन का नहीं, बल्कि पूरे जबलपुर का आयोजन था। इसमें हर वर्ग की भागीदारी ने इसे जनआंदोलन जैसा व्यापक स्वरूप प्रदान किया। संस्कारधानी की सामाजिक समरसता, जागरूकता और एकजुटता ही इसकी सबसे बड़ी ताकत रही।
*ढाई किलोमीटर के मार्ग पर 55 मंचों से हुआ ऐतिहासिक स्वागत*
‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा का एक अत्यंत आकर्षक और उल्लेखनीय पक्ष यह रहा कि ढाई किलोमीटर लंबे मार्ग पर विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक एवं व्यापारिक संगठनों द्वारा कुल 55 स्वागत मंच स्थापित किए गए। इन मंचों के माध्यम से पदयात्रा में शामिल अतिथियों, जनप्रतिनिधियों और सहभागियों का पुष्पवर्षा, माल्यार्पण, अभिनंदन एवं आत्मीय स्वागत किया गया।
पूरे मार्ग पर उत्साह और उल्लास का वातावरण दिखाई दिया। समाज के विभिन्न वर्गों ने अपने-अपने मंचों के माध्यम से आयोजन के प्रति समर्थन और सहभागिता व्यक्त की। व्यापारिक क्षेत्रों में विशेष उत्साह रहा, वहीं सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने भी बढ़-चढ़कर स्वागत किया। यह दृश्य जबलपुर की सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव और सामूहिक सहभागिता का जीवंत उदाहरण बना।
*इन सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों ने किया स्वागत*
पदयात्रा का स्वागत करने वाले संगठनों में सुप्रभातम परिवार, श्री दत्त भजन मंडल, नगर पंडित पुरोहित आचार्य मंच, सर्वमंगला आम्ही सगले एक आहोत, दिगम्बर जैन पंचायत सभा, जिला कुर्मी क्षत्रिय समाज, सिख संगत, पंजाबी महासंघ, चौरसिया समाज, राष्ट्रवादी अग्रवाल मंच, साहू समाज, इंडियन कॉफी हाउस, भारतीय व्यापार उद्योग व्यापार मंडल, सुदर्शन समाज, गंजीपुरा व्यापारी संघ, अंतरराष्ट्रीय श्याम बैंड परिवार, लॉर्डगंज व्यापारी संघ, मां वैष्णोदेवी यात्रा सेवा समिति, नगर केसरवानी वैश्य समाज सभा, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, वैश्य महासम्मेलन, महाकौशल चौरसिया महासंघ, तिलक भूमि तलैया व्यापारी संघ, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा, तमिल संघम, बारी समाज, मुकादमगंज व्यापारी संघ, विश्वकर्मा महासभा, झारिया मेहरा महासंघ, गुप्ता वैश्य समाज, अहिरवार महापरिषद, अखिल भारतीय यादव समाज, सिटी बंगाली क्लब, सिविक सेंटर व्यापारी संघ, उत्कल यादव समाज, मध्य प्रदेश डॉक्टर फोरम, सिंधी समाज, समरसता सेवा संगठन, मालवीय चौक व्यापारी संघ, नया बाजार व्यापारी संघ, गुजराती मंडल, विश्वकर्मा समाज, नामदेव समाज विकास परिषद, जबलपुर कल्चुरी महासभा, उत्तर प्रदेश-बिहार महासंघ, रजक समाज युवा सेवा समिति, संत सेन समाज समिति, मांझी समाज, श्री दुर्गा उत्सव समिति, श्री सनातन धर्म महासभा, क्षत्रिय मराठा समाज, सोनकर खटीक समाज एवं अंधेरदेव व्यापारी संघ सहित अनेक संगठनों ने स्वागत किया।
सामाजिक एकजुटता का बना ऐतिहासिक उदाहरण
जबलपुर की इस पदयात्रा में 55 स्वागत मंचों के माध्यम से जिस प्रकार समाज के विभिन्न वर्गों ने सहभागिता की, उसने यह स्पष्ट कर दिया कि संस्कारधानी की पहचान केवल धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक परंपराओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां सामाजिक समरसता, आपसी सहयोग और लोकतांत्रिक चेतना की भी मजबूत परंपरा है।
पदयात्रा में व्यापारिक संगठनों से लेकर सामाजिक संस्थाओं, धार्मिक संगठनों, युवाओं, विद्यार्थियों और मातृशक्ति की उपस्थिति ने आयोजन को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप दिया। यह आयोजन जबलपुर की सामूहिक शक्ति और सामाजिक एकजुटता का ऐसा उदाहरण बना, जिसमें शहर के विभिन्न वर्गों ने एक साथ आकर अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
ढाई किलोमीटर के मार्ग पर 55 स्वागत मंचों से हुआ अभिनंदन, सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों सहित हर वर्ग ने दिखाई एकजुटता
*विभिन्न स्थानों से होकर निकली पदयात्रा, हुआ भव्य स्वागत*
‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ‘ विशाल पदयात्रा शहीद स्मारक गोल बाजार से प्रारंभ होकर श्याम टॉकीज, सुपर मार्केट, लार्डगंज चौक, धमण्डी चौक, बड़ा फुहारा, खजांची चौक, अंधेरदेव, तुलाराम चौक, करमचंद चौक, बगलामुखी मंदिर, मालवीय चौक से शहीद स्मारक होते हुए पुनः गोल बाजार पहुंचकर समापन हुआ। यात्रा के ढाई किलोमीटर के मार्ग में 55 स्वागत मंच लगाए गए जिसमे विभिन्न जाति समाज, व्यापारी, स्वयंसेवी संगठन, खेल संगठन के पदाधिकारियों ने मंच से पुष्पवर्षा कर पदयात्रा का स्वागत किया।
*संतो का मिला सानिध्य *- पदयात्रा में पूज्य संतो का सानिध्य प्राप्त हुआ रथ में सवार होकर पूज्य संत यात्रा में शामिल हुए।
यात्रा में महामंडलेश्वर अखिलेश्वरानंद जी, जगतगुरु राघवदेवाचार्य, जगतगुरु बालगोविंदाचार्य जी, अशोका नन्द जी, कालीनंद जी, ज्ञानेश्वरी दीदी, पगला नन्द जी, मैत्रेय दीदी, पं वासुदेव शास्त्री जी,स्वामी प्रकाशांनंद जी, स्वामी रामभारती जी, स्वामी राजेशदास, स्वामी रामानंदपुरी, विभानंद जी, योगी राजेशदास, स्वामी मयंकनाथ, स्वामी अनूप नाथ, मंहत त्यागीदास, आचार्य अनूपदेव शास्त्री, आचार्य जुगल किशोर शास्त्री पंडित रमेश दुबे, पंडित, संतोष शास्त्री, पं रोहित दुबे जी, पं आशुतोष दीक्षित का सानिध्य मिला।
*संगठनों ने की सहभागिता :-* कार्यक्रम में महाकौशल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री एवं संबद्ध व्यापारी संगठन, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, , हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन, हाईकोर्ट सीनियर बार एसोसिएशन, टैक्स बार एसोसिएशन एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट एसोसिएशन, रोटरी क्लब, कॉफी हाउस वेलफेयर एसोसिएशन, सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी संगठन, खेल संगठन, कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स, महिला एवं पुरुष संगठन, जीतो एसोसिएशन, होटल व्यवसायी एसोसिएशन, हॉस्पिटल ओनर्स एसोसिएशन, बिल्डर्स एसोसिएशन, कोचिंग सेंटर्स ऑफ जबलपुर, आग्रह फाउंडेशन, ऑटो एवं रिक्शा एसोसिएशन, जातिगत संगठनों के प्रमुख जनों ने सहभागिता की।
पदयात्रा में प्रदेश शासन के उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा एवं प्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री राकेश सिंह, श्री प्रहलाद पटेल, श्रीमती संपतिया उइके, पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ निशांत खरे, प्रदेश महामंत्री एवं संभाग प्रभारी श्री राहुल कोठारी, प्रदेश कोषाध्यक्ष श्री अखिलेश जैन, सांसद श्री आशीष दुबे, सांसद श्रीमती सुमित्रा वाल्मीकि, श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, पूर्व मंत्री श्री शरद जैन, जिला प्रभारी पूर्व सांसद श्री आलोक संजर, महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अश्विनी परांजपे, महापौर श्री जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक श्री अजय विश्नोई, श्री अशोक रोहाणी, श्री सुशील तिवारी इंदु, श्री अभिलाष पांडे, श्री नीरज सिंह, श्री संतोष बरकड़े, श्री प्रणय पाण्डे, पूर्व विधायक श्री आँचल सोनकर, मेला एवं तीर्थ प्राधिकरण अध्यक्ष श्री विनोद गोटिया, जबलपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संदीप जैन, मध्यप्रदेश तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री रविकरण साहू, जबलपुर जिला अध्यक्ष श्री रत्नेश सोनकर, जबलपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष श्री राजकुमार पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष आशा गोटिया, जिला महामंत्री श्री पंकज दुबे, श्री रंजीत पटेल, श्री सोनू बचवानी, पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि, व्यापारी संगठनों के पदाधिकारी, खेल संगठनों के प्रमुख, शहर के गणमान्यजन, मातृशक्ति सहित करीब एक लाख लोग शामिल हुए।