जबलपुर। ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लाइज फेडरेशन के लगातार पत्राचार और प्रभावी प्रतिनिधित्व के बाद रक्षा मंत्रालय ने रक्षा औद्योगिक प्रतिष्ठानों में नए श्रम कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के साथ परामर्श की प्रक्रिया पूरी होने तक सभी रक्षा प्रतिष्ठानों में वर्तमान व्यवस्था यथावत बनाए रखी जाए।फेडरेशन के मीडिया प्रभारी उत्तम विश्वास से प्राप्त जानकारी के अनुसार, औद्योगिक संबंध संहिता 2020 एवं औद्योगिक संबंध (केंद्रीय) नियम 2026 लागू होने के बाद विभिन्न रक्षा औद्योगिक प्रतिष्ठानों में इन्हें अलग-अलग तरीके से लागू किया जा रहा था। इससे कर्मचारियों और कर्मचारी संगठनों के बीच असमंजस की स्थिति निर्मित हो रही थी।इस पर फेडरेशन ने रक्षा मंत्रालय के समक्ष मांग रखी थी कि जब तक कर्मचारी महासंघों के साथ विधिवत चर्चा नहीं हो जाती और मंत्रालय स्तर पर एक समान दिशा-निर्देश जारी नहीं किए जाते, तब तक सभी रक्षा प्रतिष्ठानों में वर्तमान व्यवस्था बनाए रखी जाए।फेडरेशन की इस मांग को स्वीकार करते हुए रक्षा मंत्रालय ने अपने 30 अक्टूबर 2026 के पत्र के माध्यम से सभी संबंधित निदेशालयों एवं मुख्यालयों को निर्देश जारी किए हैं कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के साथ परामर्श पूरा होने तक इस मामले में वर्तमान व्यवस्था यथावत रखी जाए।
मंत्रालय के इस आदेश के बाद फेडरेशन ने अपनी सभी संबद्ध यूनियनों से आग्रह किया है कि वे रक्षा मंत्रालय के पत्र की प्रति अपने-अपने प्रतिष्ठान प्रमुख को सौंपें और अगले निर्देश जारी होने तक वर्तमान व्यवस्था बनाए रखने का अनुरोध करें।इस उपलब्धि पर संयुक्त परामर्शदात्री तंत्र के द्वितीय स्तर के प्रतिनिधि राजा पांडेय, संगठन मंत्री अर्नब दास गुप्ता, रोहित यादव, विनय गुप्ता, अमरीश सिंह, राकेश दुबे, शिव पांडे, माखन सिंह कहार एवं पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि नए श्रम कानूनों के विरोध में कर्मचारियों और उनके संगठनों ने लगातार अपनी आवाज बुलंद की तथा संगठित होकर संघर्ष किया। इसी संघर्ष और लगातार किए गए प्रतिनिधित्व के परिणामस्वरूप रक्षा मंत्रालय ने यह निर्णय लिया है।उन्होंने इसे कर्मचारियों की एकजुटता और संगठनात्मक संघर्ष की जीत बताते हुए कहा कि ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लाइज फेडरेशन आगे भी रक्षा कर्मचारियों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगा।