डॉ. कामेश पवार का अंतरराष्ट्रीय शोध जर्नल में प्रकाशित

जबलपुर, 31 अक्टूबर। शहर के युवा प्रबंधन शोधकर्ता एवं अंतरराष्ट्रीय संबंध रणनीतिकार डॉ. कामेश सतीश पवार का शोध अध्ययन अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका SAMA Journal of Multinational Management and Policy के अक्टूबर 2026 अंक में प्रकाशित हुआ है। दक्षिण एशिया प्रबंधन संघ (SAMA) के उपाध्यक्ष डॉ. पवार का यह शोध वैश्विक संगठनों में कर्मचारियों के स्थानांतरण, विभिन्न संस्कृतियों के बीच समन्वय और प्रतिभाशाली कर्मचारियों को लंबे समय तक संगठन से जोड़े रखने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित है।

शोध का शीर्षक International Human Resource Management in Global Organisations: Exploring Talent Mobility, Cultural Integration and Workforce Retention है। इसमें वैश्विक संगठनों में मानव संसाधन प्रबंधन के दौरान कर्मचारियों की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि, भावनाओं, पारिवारिक संबंधों और व्यक्तिगत चुनौतियों को समझने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। शोध में कहा गया है कि कर्मचारी केवल मानव संसाधन नहीं, बल्कि अपनी विशिष्ट पहचान और सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश से जुड़े व्यक्ति होते हैं। इसलिए उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ मानवीय संवेदनाओं का सम्मान भी जरूरी है।

डॉ. पवार ने अपने शोध की मूल अवधारणा को भारतीय दर्शन के सूत्र ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ से जोड़ते हुए वैश्विक संगठनों में सांस्कृतिक विविधता के सम्मान को महत्वपूर्ण बताया है। उनके अनुसार विभिन्न देशों से आने वाले कर्मचारियों की संस्कृति, परंपराओं और भावनाओं को समझने से कार्यस्थलों पर आपसी विश्वास, बेहतर समन्वय और सकारात्मक वातावरण विकसित किया जा सकता है।

अध्ययन में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के सामने प्रतिभाओं के अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान, कर्मचारियों के सांस्कृतिक समायोजन और उन्हें संगठन में बनाए रखने की चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला गया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था के दौर में मानवीय मूल्यों को बनाए रखने की आवश्यकता को भी शोध का महत्वपूर्ण पक्ष बताया गया है।

महज 30 वर्ष की आयु में अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन और नीतिगत विमर्श से जुड़े विषय पर शोध प्रकाशित होना डॉ. पवार की अकादमिक यात्रा की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनकी इस उपलब्धि को जबलपुर के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए युवा शोधकर्ताओं के बीच इसे प्रेरणादायी माना जा रहा है।