जबलपुर। छह कारें, कर्कश हॉर्न, चारों इंडिकेटर चालू और खिड़कियों से बाहर लटकते युवक। किसी कार के पैदान पर खड़े होकर तो कोई गाड़ी से बाहर निकलकर शोर-शराबा करता नजर आया। फिल्मों में दिखने वाला यह नजारा मंगलवार की रात घमापुर से भानतलैया जाने वाले मार्ग पर हकीकत में दिखाई दिया। तेज रफ्तार से दौड़ती कारों के इस काफिले को देखकर सड़क पर चल रहे लोग सहमकर किनारे होते रहे, लेकिन युवाओं की स्टंटबाजी पर रोक लगाने वाला कोई नजर नहीं आया।
रात करीब 12 बजे हाईकोर्ट चौराहे की ओर से छह कारों का काफिला तेज रफ्तार से घमापुर की तरफ बढ़ा। कारों में सवार युवक शोर मचाते हुए मस्ती में झूम रहे थे। कुछ युवक खिड़कियों से बाहर लटक रहे थे, तो कुछ लग्जरी कारों के पैदान पर खड़े दिखाई दिए। सड़क पर सामान्य यातायात के बीच इस तरह की हरकतों से हादसे का खतरा बना रहा। कारों के बीच-बीच में अचानक ब्रेक लगाने से सड़क पर चल रहे लोग भी चौंकते रहे।
काफिले की रफ्तार इतनी तेज थी कि लोग अपने वाहनों के साथ सड़क किनारे रुकने को मजबूर हो गए। कारों का काफिला घमापुर चौराहे तक पहुंच गया, लेकिन युवकों का हुड़दंग जारी रहा। इसी दौरान भानतलैया की ओर से डायल-112 का वाहन आता दिखाई दिया। सड़क पर मौजूद लोगों को उम्मीद थी कि पुलिस वाहन रोककर स्टंटबाजी कर रहे युवकों के खिलाफ कार्रवाई करेगी, लेकिन डायल-112 वहां से गुजर गया। इसके बाद कारों का काफिला भी आगे निकल गया।
सड़क पर तेज रफ्तार से वाहन दौड़ाना, खिड़कियों से लटकना और पैदान पर खड़े होकर सफर करना न केवल युवकों की जान के लिए खतरनाक है, बल्कि दूसरे राहगीरों की सुरक्षा को भी गंभीर खतरे में डालता है। ऐसे में सार्वजनिक सड़क पर इस तरह की स्टंटबाजी के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से पुलिस की निगरानी और यातायात सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।