भोपाल -:* 15 अक्टूबर, भारत रत्न, पूर्व राष्ट्रपति, मिसाइल मैन डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सर की जन्म जयंती के अवसर पर हमारी समिति *सर्च एंड रिसर्च डेवलपमेंट सोसाइटी, भोपाल* उन स्मरणीय पलों को याद कर रही है, जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता और आज हम उन्हीं को अपना प्रेरणा स्रोत मानते हुए आगे बढ़ रहे हैं।
12 दिसंबर 2012 को इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन *”Development and Prosperity of Nation Through Young Minds”* एवं *Search and Research Youth Conclave-2012* का आयोजन किया गया था। इस प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में भारत के पूर्व राष्ट्रपति, भारत रत्न, मिसाइल मैन *डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम* उपस्थित रहे थे।
कार्यक्रम के दौरान *”India Vision 2020 – Through Young Minds”* पुस्तक / शोध पत्र का विमोचन डॉ. कलाम के कर-कमलों द्वारा किया गया था। इस अवसर पर सर्च एंड रिसर्च डेवलपमेंट सोसाइटी का प्रतिनिधित्व करते हुए *चेयरपर्सन डॉ. मोनिका जैन, सचिव डॉ. अनिल सिरवैया और उपाध्यक्ष राजीव जैन* (वर्तमान में अध्यक्ष, एक्टिव फ्रेंड्स ऑफ भोपाल) ने मंच पर डॉ. कलाम के साथ पुस्तक विमोचन किया। डॉ. मोनिका जैन एवं पूरी टीम की युवाओं के विकास हेतु किये जा रहे कार्यों की डॉ. कलाम ने सराहना की।
*12 दिसंबर 2012 का वो गौरवशाली दिन*
यह दिन हमारी टीम के लिए स्वर्णिम अक्षरों में लिखा गया दिन था। सोसाइटी द्वारा आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस – कलाम विजन 2020 में डॉ. कलाम मुख्य अतिथि के रूप में पधारे थे। प्रोटोकॉल के कारण वे राजकीय अतिथि भी थे और एक दिन पूर्व ही भोपाल आकर राजभवन में ठहरे थे।
कार्यक्रम का आयोजन *समन्वय भवन* में किया गया था। सुबह 11 बजे तक पूरा हॉल खचाखच भर गया था। हॉल में सबसे ज्यादा स्कूली बच्चे थे, क्योंकि मिसाइलमैन का बच्चों के प्रति विशेष प्रेम था। भोपाल का हर व्यक्ति उन्हें सुनना चाहता था, इसलिए हॉल के बाहर भी बड़ी स्क्रीन लगानी पड़ी थी, जहां सैकड़ों लोग बैठकर उनके आने का इंतजार कर रहे थे।
जैसे ही कलाम सर का हॉल के अंदर प्रवेश हुआ, पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा।
*और फिर घटी वो घटना जो बनी अखबार की सुर्खी*
हमारी समिति ने डॉ. कलाम के लिए मंच पर एक विशेष कुर्सी लगाई थी,लेकिन जैसे ही वे मंच की ओर बढ़े और उन्होंने वह कुर्सी देखी, तो उन्होंने बैठने से मना कर दिया। उन्होंने अपने हाथों से उस विशेष कुर्सी को हटाया और बोले – *”मेरी कुर्सी भी वही होगी, जैसी चार और कुर्सियां लगी हैं।”* ऐसे थे हमारे सादगी पसंद पूर्व राष्ट्रपति डॉ. कलाम।
उन्होंने अपना पहला वाक्य हिंदी में बोला – *”नमस्ते”*। और फिर अपनी ओजस्वी वाणी से बच्चों के साथ जुड़ गए। लगभग 40 मिनट तक सभी से संवाद करते हुए अपनी बात रखी और बच्चों को एक संकल्प / शपथ भी दिलाई।
वह पल भी हमें आज तक याद है, जब उन्होंने अपनी लिखी हुई *5 पुस्तकों का सेट अपने हस्ताक्षर कर* सोसाइटी की अध्यक्ष *डॉ. मोनिका जैन* को भेंट किया।
अंत में सोसाइटी द्वारा लगाई गई मॉडल प्रदर्शनी का अवलोकन कर, वह सभी का धन्यवाद करते हुए अपने अगले कार्यक्रम के लिए प्रस्थान कर गए।
*यह तस्वीर उसी ऐतिहासिक क्षण की है, जब “India Vision 2020” पुस्तक का विमोचन डॉ. कलाम के कर-कमलों द्वारा किया गया और मंच पर सोसाइटी की अध्यक्ष डॉ. मोनिका जैन, सचिव डॉ. अनिल सिरवैया, उपाध्यक्ष डॉ. राजीव जैन और आशीष डोगरे उनके साथ उपस्थित रहे।*
इस के अलावा कार्यक्रम में मुख्य रूप से विश्वविधालयों के कुलपति, शहर के गणमान्य नागरिक और सैकड़ों स्कूल, कॉलेज के विद्यार्थी उपस्थित थे डॉ. राजीव जैन ने बताया कि यह भोपाल ही नहीं, पूरे मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा का विषय है कि भोपाल की संस्था सर्च एंड रिसर्च डेवलपमेंट सोसाइटी की टीम के सदस्यों को देश के सबसे प्रिय पूर्व राष्ट्रपति के साथ मंच साझा करने का अवसर मिला था।