जबलपुर। शहर के छोटा फुहारा क्षेत्र में स्वर्गीय एडवोकेट श्री चिंतामन साहू जी की पावन स्मृति में ‘एडवोकेट चिंतामन साहू मार्ग’ के नामकरण एवं लोकार्पण का भव्य समारोह अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू‘ तथा अध्यक्षता कर रहे सांसद आशीष दुबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि, एवं वरिष्ठ पदाधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने स्व. चिंतामन साहू जी के सार्वजनिक जीवन, वैचारिक प्रतिबद्धता, संगठनात्मक योगदान और राष्ट्रसेवा के प्रति उनके अटूट समर्पण का गहराई से स्मरण किया।
भावुक हुए प्रभात साहू….
स्वागत भाषण देते हुए प्रभात साहू ने अपने पूज्य पिता स्वर्गीय एडवोकेट श्री चिंतामन साहू जी के जीवन-संघर्ष को याद करते हुए साझा किया कि उन्होंने आजीवन राष्ट्र, समाज और जनसेवा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी। देश में लगे आपातकाल के दौरान 26 जून 1975 को गिरफ्तारी के बाद उन्हें लगभग 18 महीनों तक केंद्रीय जेल में रहना पड़ा था। हर विपरीत परिस्थिति और कठिनाई के बावजूद वे अपने सिद्धांतों और विचारों से कभी विचलित नहीं हुए।
उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि पिता से मिले संस्कार, सत्य के प्रति निष्ठा और संघर्ष की प्रेरणा ही उनके परिवार की सबसे बड़ी पूंजी है। उनके नाम पर मार्ग का नामकरण पूरे परिवार के लिए असीम गर्व, सम्मान और भावनात्मक संतोष का क्षण है। उन्होंने इस गरिमामय आयोजन के लिए सभी उपस्थित अतिथियों और नगर निगम परिवार के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।
*जनसंघ से जनता पार्टी तक प्रेरणादायी योगदान*
स्व. चिंतामन साहू जी का सार्वजनिक जीवन वैचारिक निष्ठा, लोकतांत्रिक मूल्यों और संगठन के प्रति समर्पण का एक अनूठा उदाहरण रहा है। वे भारतीय जनसंघ से गहराई से जुड़े रहे और विभिन्न संगठनात्मक गतिविधियों में अपनी अहम भूमिका निभाई। आपातकाल के काले दौर में लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने के बाद, वर्ष 1977 में जनता पार्टी के गठन पर उन्होंने इसके प्रथम अध्यक्ष के रूप में दायित्व संभाला। इसके साथ ही उन्होंने शासकीय अधिवक्ता के रूप में विधि और जनहित के क्षेत्र में भी अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दीं। उनकी कर्तव्यनिष्ठा को देखते हुए मध्यप्रदेश शासन के गृह विभाग द्वारा 13 जनवरी 1969 को उन्हें विशेष प्रशंसा-पत्र से सम्मानित किया गया था।
समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि इस मार्ग का नामकरण स्व. चिंतामन साहू जी के आदर्शों और उनके अमूल्य योगदान के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। यह मार्ग आने वाली पीढ़ियों को उनके संघर्ष, सिद्धांतों और राष्ट्रसेवा के पथ पर चलने की प्रेरणा देता रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान विधायक अजय विश्नोई, अशोक ईश्वरदास रोहाणी, सुशील तिवारी ‘इंदु’, डॉं अभिलाष पांडेय, रत्नेश सोनकर, निगमाध्यक्ष रिंकू विज, डॉं. सुभाष तिवारी, राम सोनकर, पार्षद श्रीमती रजनी साहू, सदानंद गोडबोले, हरेंद्रजीत सिंह बब्बू, जी.एस. ठाकुर, आनंद बर्नाड, सुरेश देश पांडे, प्रशांत केशरवानी, सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थि रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन अजय तिवारी ने किया तथा आभार प्रदर्शन राजेश द्विवेदी द्वारा किया गया।
*आयोजन समिति का विशेष सहयोग*
इस सफल और ऐतिहासिक आयोजन को मूर्त रूप देने में वीरेंद्र साहू, शिवराम बैन, राजेश द्विवेदी, सुबोध साहू, हर्ष तिवारी, दीप महदले, अजय तिवारी, प्रवीण साहू, रवि साहू, राज साहू, अजीत श्रीवास्तव, डी.के. साहू, उमेश साहू, दिलीप जैन, अनिल वर्मा, नीरज वर्मा, निशा साहू, श्रीमती प्रति राज साहू, डॉ. शुभम अवस्थी एवं समस्त ‘प्रभात साहू मित्र मंडल’ का सहयोग रहा।