लाड़ली बहना से वंचित महिलाएं बन सकती हैं भाजपा के लिए चुनावी मुद्दा

जबलपुर। मध्यप्रदेश में अगले साल प्रस्तावित नगरीय निकाय चुनाव और वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले लाड़ली बहना योजना से पात्रता के बावजूद वंचित महिलाओं का मुद्दा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बन सकता है। पात्र होने के बावजूद योजना का लाभ नहीं मिलने वाली महिलाओं को तत्काल योजना में शामिल करने की मांग को लेकर मानव अधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा है।
संगठन के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार वाधवानी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपकर कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसी महिलाएं हैं, जो योजना की निर्धारित पात्रता पूरी करती हैं, लेकिन तकनीकी कारणों, दस्तावेज संबंधी समस्याओं अथवा सर्वे में नाम दर्ज नहीं होने के कारण उन्हें योजना के तहत मिलने वाली मासिक सहायता राशि का लाभ नहीं मिल पा रहा है।संगठन के पदाधिकारियों भावना निगम, आशीष त्रिपाठी सहित अन्य सदस्यों ने कहा कि पात्र महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिलना गंभीर विषय है। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसी महिलाओं की दोबारा जांच कर उन्हें योजना से जोड़ा जाए।संगठन अध्यक्ष डॉ. वाधवानी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पात्रता के बावजूद योजना से वंचित महिलाओं के लिए पोर्टल दोबारा खोला जाए। इसके साथ ही प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाकर ऐसी महिलाओं को चिन्हित किया जाए और पात्र पाए जाने पर उन्हें योजना में शामिल कर नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने कहा कि लाड़ली बहना योजना मध्यप्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली योजनाओं में रही है। ऐसे में यदि पात्र महिलाएं लाभ से वंचित रहती हैं तो इससे उनमें असंतोष पैदा हो सकता है।संगठन ने सरकार को आगाह किया है कि आने वाले नगरीय निकाय और विधानसभा चुनाव से पहले योजना से वंचित महिलाओं की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो यह मुद्दा राजनीतिक रूप से बड़ा रूप ले सकता है। संगठन का कहना है कि महिला हित से जुड़ी योजना में पात्र महिलाओं को लाभ से बाहर रखना सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की मंशा के विपरीत है।संगठन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि प्रदेश की प्रत्येक पात्र महिला को लाड़ली बहना योजना का लाभ दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, लंबित पात्रता मामलों का निराकरण किया जाए और पात्र महिलाओं को नियमित मासिक राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।