गुरंदी का नया मछली मार्केट ताले में कैद

जबलपुर। शहर के पुराने और व्यस्त बाजारों में शुमार गुरंदी मछली मार्केट इन दिनों नगर निगम की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। दुकानदारों को बेहतर और व्यवस्थित बाजार देने के उद्देश्य से बनाया गया नव निर्मित मछली मार्केट उद्घाटन के बाद भी ताले में बंद है। मार्केट की सफाई हो चुकी है, बोर्ड भी लग चुका है और नगर निगम आयुक्त एवं कलेक्टर तक इसका निरीक्षण कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद दुकानदारों को दुकानें सौंपने और मार्केट शुरू करने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब मार्केट तैयार हो गया, उद्घाटन हो गया, सफाई हो गई, निरीक्षण हो गया और पहचान के लिए बोर्ड तक लग गया, तो आखिर ऐसा क्या हुआ कि इसके दरवाजों पर ताला जड़ दिया गया?मार्केट से जुड़े दुकानदार और स्थानीय लोग भी असमंजस में हैं। किसी को स्पष्ट जानकारी नहीं है कि मार्केट का संचालन कब शुरू होगा और दुकानों का आवंटन अथवा हस्तांतरण कब किया जाएगा। लंबे समय से नई व्यवस्था की उम्मीद लगाए बैठे दुकानदार अब सिर्फ ताले को देखते रह गए हैं।एक ओर दुकानदार अपनी रोजी-रोटी के लिए व्यवस्थित स्थान की प्रतीक्षा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नगर निगम की तैयार संपत्ति उपयोग में आने के बजाय बंद पड़ी है।

निगम की संपत्ति धूल फांक रही

जिस संपत्ति पर जनता का पैसा लगा है, उसका इस तरह लंबे समय तक बंद रहना अपने आप में गंभीर सवाल है। मार्केट तैयार है, लेकिन व्यवस्था गायब है। यदि किसी तकनीकी, प्रशासनिक या आवंटन संबंधी कारण से मार्केट शुरू नहीं हो पा रहा है तो नगर निगम को इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारी निरीक्षण करने तो पहुंच जाते हैं, लेकिन निरीक्षण के बाद क्या कार्रवाई हुई और मार्केट कब शुरू होगा, इसकी जानकारी देने वाला कोई नहीं है।जबलपुर को स्मार्ट सिटी बनाने की बात कही जाती है, लेकिन गुरंदी बाजार की तस्वीर इन दावों से बिल्कुल अलग नजर आती है। बाजार क्षेत्र में गंदगी, अव्यवस्था और बंद पड़ी सरकारी संपत्ति व्यवस्था की पोल खोलती दिखाई दे रही है।
सवाल यह भी है कि जब शहर को व्यवस्थित और आधुनिक बनाने की कवायद चल रही है, तब गुरंदी जैसे पुराने और महत्वपूर्ण बाजार की सुध लेने में जिम्मेदार विभाग आखिर क्यों पीछे है?स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों की मांग है कि नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी एक बार फिर मौके का निरीक्षण कर मार्केट बंद होने की वास्तविक वजह स्पष्ट करें और जल्द से जल्द ताला खुलवाकर दुकानों का संचालन शुरू कराएं।