हरितालिका व्रत पर महाकाली मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब

200 से 500 महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत, चारों प्रहर शिव पूजन के साथ रातभर गूंजे भजन-कीर्तन

जबलपुर। हरितालिका तीज के पावन अवसर पर श्री बड़ी व्रत महाकाली महोत्सव समिति में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। महाकाली मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में महिलाओं का जमावड़ा हुआ। करीब 200 से 500 महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक हरितालिका व्रत रखकर भगवान शिव का पूजन-अर्चन किया और माता महाकाली के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।

सुहाग, अखंड सौभाग्य और पति की दीर्घायु की कामना के लिए रखे जाने वाले हरितालिका व्रत को लेकर महिलाओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। व्रतधारी महिलाओं ने विधि-विधान से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की। मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी और इसी तपस्या की स्मृति में हरितालिका तीज का व्रत रखा जाता है। यह पर्व महिलाओं की अटूट श्रद्धा, संकल्प और वैवाहिक सुख की कामना का प्रतीक माना जाता है।

चारों प्रहर हुआ शिव पूजन

हरितालिका व्रत की विशेष धार्मिक परंपरा के अनुसार मंदिर परिसर में महिलाओं ने चारों प्रहर भगवान शिव का पूजन किया। रात्रि जागरण के दौरान दीप प्रज्ज्वलित कर शिव-पार्वती की आराधना की गई। व्रतधारी महिलाओं ने भक्ति भाव से पूजन सामग्री अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि, पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य की कामना की।

मंदिर परिसर में देर रात तक भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा। भक्ति गीतों और जयकारों से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। महिलाओं ने सामूहिक रूप से भजन गाए और भगवान शिव तथा माता पार्वती की आराधना में रात बिताई।

माता महाकाली के दर्शन कर मांगा आशीर्वाद

चारों प्रहर की पूजा के साथ महिलाओं ने माता महाकाली के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की। मंदिर में श्रद्धालुओं की मौजूदगी से पूरे परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। महिलाओं ने माता के चरणों में पुष्प, दीप और पूजन सामग्री अर्पित कर अपने परिवार की मंगलकामना की।

हरितालिका तीज केवल एक व्रत नहीं, बल्कि नारी के संकल्प, श्रद्धा और शिव-पार्वती के प्रति अटूट विश्वास का पर्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत-पूजन करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है तथा दांपत्य जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

श्री बड़ी व्रत महाकाली महोत्सव समिति में आयोजित धार्मिक आयोजन ने इसी आस्था और परंपरा को जीवंत कर दिया। देर रात तक मंदिर परिसर में गूंजते भजनों और शिव-पार्वती के जयकारों ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।