महाकौशली गाय को मिला देश की 57वीं पंजीकृत देशी गोवंश नस्ल का दर्जा


जबलपुर। नानाजी देशमुख पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर ने देशी पशुधन संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय पशु आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, करनाल की नस्ल पंजीकरण समिति की 14वीं बैठक में ‘महाकौशली गाय’ को स्वतंत्र देसी गोवंश नस्ल के रूप में आधिकारिक मान्यता दी गई है। इसके साथ ही यह देश की 57वीं पंजीकृत देसी गोवंश नस्ल बन गई है।
इस उपलब्धि के लिए विश्वविद्यालय के पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं मुख्य शोधकर्ता डॉ. मोहन सिंह ठाकुर के नेतृत्व में वर्ष 2018 से 2022 तक शोध कार्य किया गया। वैज्ञानिक आंकड़ों और आनुवंशिक विशेषताओं के सत्यापन के बाद महाकौशली गाय को राष्ट्रीय स्तर पर नस्ल के रूप में पंजीकृत किया गया।
विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. मनदीप शर्मा ने इस उपलब्धि पर वैज्ञानिक टीम को बधाई देते हुए कहा कि महाकौशली गाय को मिली राष्ट्रीय पहचान मध्यप्रदेश की जैव विविधता के संरक्षण के साथ स्थानीय पशुपालकों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।