। कृषि भूमि पर 3 एचपी का स्थाई बिजली कनेक्शन देने के एवज में 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगना मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सहायक अभियंता और लाइनमैन को भारी पड़ गया। लोकायुक्त एसपी अंजू लता पटेल ने बताया कि पुलिस ने सोमवार को दोनों अधिकारियों को 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।लोकायुक्त पुलिस के मुताबिक, कटंगी तहसील के जमुनिया निवासी मुकेश कुमार यादव को अपनी कृषि भूमि पर मोटर चलाने के लिए 3 एचपी का स्थाई विद्युत कनेक्शन चाहिए था। इसके लिए उन्होंने मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कटंगी कार्यालय में आवेदन किया था।आरोप है कि कनेक्शन स्वीकृत करने के एवज में कार्यालय में पदस्थ सहायक अभियंता मनोज कुमार दुबे (61) और लाइनमैन धनेश कुमार शुक्ला (60) ने आवेदक से 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। रिश्वत की मांग से परेशान आवेदक ने इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जबलपुर में की।शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने उसका सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान दोनों आरोपियों द्वारा 12 हजार रुपये रिश्वत लेने पर सहमति जताई गई। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने ट्रैप की योजना तैयार की। सोमवार 17 अगस्त कोकटंगी स्थित कनिष्ठ/सहायक अभियंता कार्यालय में जैसे ही आरोपी सहायक अभियंता मनोज कुमार दुबे और लाइनमैन धनेश कुमार शुक्ला ने 12 हजार रुपये की रिश्वती राशि स्वीकार की, लोकायुक्त टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धाराओं 7, 13(1)बी और 13(2) तथा बीएनएस की धारा 61(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। ट्रैप दल में उप पुलिस अधीक्षक नीतू त्रिपाठी, ट्रैप लीडिंग ऑफिसर निरीक्षक शशिकला मुस्कुले, निरीक्षक जितेंद्र यादव सहित लोकायुक्त जबलपुर की टीम शामिल रही।
लोकायुक्त संगठन ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी किसी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी शिकायत लोकायुक्त कार्यालय में की जा सकती है