जबलपुर। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और आयुष्मान भारत योजना ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता साबित की है। जबलपुर के रांझी क्षेत्र निवासी 9 माह के मासूम विनायक सिंह को गंभीर हृदय रोग से जूझने के बाद मुंबई के प्रतिष्ठित नारायणा हृदयालय में निःशुल्क और सफल हृदय शल्यक्रिया के जरिए नया जीवन मिला है।
घर-घर स्वास्थ्य जांच में सामने आया हृदय रोग……..
जिला प्रबंधक आरबीएसके सुभाष शुक्ला ने बताया कि वेस्टलैंड, खमरिया, रांझी निवासी राहुल सिंह के 9 माह के बेटे विनायक के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम क्षेत्र में पहुंची थी। दल में चिकित्सक डॉ. सौरभ चौरसिया और डॉ. अंजुम अख्तर शामिल थे।
जांच के दौरान चिकित्सकों को बच्चे में गंभीर हृदय रोग के लक्षण मिले। टीम ने तत्काल इसकी जानकारी जिला प्रबंधक को दी। इसके बाद जिला अस्पताल के विषय विशेषज्ञों से बच्चे की आवश्यक जांच कराई गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. नवीन कोठारी से उपचार के लिए अनुशंसा प्राप्त की गई।
तत्परता से पूरी हुई उपचार की प्रक्रिया……….
बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए नोडल अधिकारी डॉ. अमजद खान और जिला प्रबंधक सुभाष शुक्ला ने तत्काल आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराई। विनायक का आयुष्मान भारत योजना के तहत पंजीयन कराया गया। परिजनों की सहमति के बाद उसे बेहतर उपचार के लिए मुंबई के नारायणा हृदयालय भेजा गया।
मुंबई में चिकित्सकों की विशेषज्ञ टीम ने 11 अगस्त 2026 को विनायक की जटिल हृदय शल्यक्रिया की। योजना के तहत पूरी प्रक्रिया निःशुल्क हुई और शल्यक्रिया सफल रही। उपचार के बाद मासूम की हालत में सुधार हुआ और उसे नया जीवन मिला।विनायक के स्वस्थ होने पर उसके परिवार ने इस पूरी उपचार प्रक्रिया के लिए मध्यप्रदेश शासन, मुख्यमंत्री, जिला प्रशासन, जबलपुर स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम तथा मुंबई के नारायणा हृदयालय के चिकित्सकों के प्रति आभार व्यक्त किया।