तिलहरी डी-मार्ट में खाद्य विभाग की छापेमारी, श्रीधी और मिल्की मिस्ट घी की सैंपलिंग


जबलपुर। रीवा और इंदौर में घी में मिलावट के मामले सामने आने के बाद जबलपुर में भी खाद्य विभाग ने बाजार में बिक रहे घी की गुणवत्ता को लेकर निगरानी बढ़ा दी है। इसी कड़ी में खाद्य विभाग की टीम ने तिलहरी स्थित डी-मार्ट में अचानक दबिश देकर वहां उपलब्ध विभिन्न कंपनियों के घी की जांच की। कार्रवाई के दौरान टीम ने चार-पांच ब्रांड के घी की पड़ताल की और संदेह के आधार पर श्रीधी तथा मिल्की मिस्ट के नमूने जांच के लिए लिए।
खाद्य अधिकारी माधुरी मिश्रा के नेतृत्व में पहुंची टीम ने घी के पैकेटों की जानकारी, बैच नंबर, निर्माण एवं उपयोग की अंतिम तिथि सहित अन्य जरूरी मानकों की जांच की। इसके साथ ही स्टोर में खाद्य सामग्री के रखरखाव और भंडारण व्यवस्था का भी जायजा लिया गया।

नमूने अब बताएंगे घी कितना खरा………

खाद्य विभाग द्वारा लिए गए नमूनों को परीक्षण के लिए भोपाल स्थित राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित उत्पाद निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सैंपलिंग की कार्रवाई किसी ब्रांड को दोषी ठहराने के लिए नहीं, बल्कि उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए की गई है। जांच रिपोर्ट में यदि किसी नमूने में मिलावट अथवा निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो खाद्य सुरक्षा कानून के तहत संबंधित निर्माता अथवा विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

घी के साथ दूसरे खाद्य पदार्थ भी रडार पर………..

खाद्य विभाग की नजर सिर्फ घी तक सीमित नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि बाजार में बिकने वाली अन्य खाद्य सामग्री की भी समय-समय पर जांच और सैंपलिंग की जाएगी। रीवा और इंदौर में सामने आए मिलावट के मामलों के बाद विभाग ने विशेष सतर्कता बरतते हुए खाद्य प्रतिष्ठानों की निगरानी बढ़ा दी है।अब निगाहें भोपाल से आने वाली लैब रिपोर्ट पर टिकी हैं। रिपोर्ट में गड़बड़ी सामने आई तो संबंधित उत्पाद और प्रतिष्ठान पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।