श्रावण में शिव कथा का श्रवण आत्मा को शिवत्व की ओर ले जाने का माध्यम : विदुषी सुप्रिया दुबे

जबलपुर। गढ़ा फाटक स्थित श्री वृहत महाकाली महोत्सव समिति, काली धाम में श्रावण मास के पावन अवसर पर आचार्य सुनील दुबे महाराज के सान्निध्य में श्री शिव महापुराण कथा एवं पार्थिव शिवलिंग निर्माण का धार्मिक अनुष्ठान श्रद्धा और भक्ति के साथ जारी है। प्रतिदिन प्रातः 9 से 11 बजे तक विदुषी सुप्रिया दुबे शिव महापुराण की कथा का वाचन कर श्रद्धालुओं को भगवान शिव के आदर्शों से अवगत करा रही हैं। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं।इस अवसर पर विदुषी सुप्रिया दुबे ने कहा कि भगवान शिव केवल देवता नहीं, बल्कि त्याग, करुणा, क्षमा और समभाव के जीवंत प्रतीक हैं। शिव महापुराण हमें सिखाता है कि अहंकार का त्याग और सत्य का अनुसरण ही जीवन को सफल बनाता है। श्रावण मास में श्रद्धा, संयम और निष्काम भाव से की गई शिव आराधना व्यक्ति के मन, वचन और कर्म को पवित्र करती है। पार्थिव शिवलिंग का पूजन हमें यह संदेश देता है कि जीवन क्षणभंगुर है, इसलिए प्रत्येक क्षण को सत्कर्म, सेवा और ईश्वर स्मरण में लगाना चाहिए। जहां शिव का स्मरण होता है, वहां भय, तनाव और नकारात्मकता स्वतः समाप्त होकर शांति, सद्भाव और आत्मिक आनंद का वास होता है।