जबलपुर। लगभग एक दशक से पदोन्नति का इंतजार कर रहे लोक निर्माण विभाग के 83 सहायक ग्रेड-3 कर्मचारियों को आखिरकार पदोन्नति का लाभ मिल गया। मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग, जबलपुर परिक्षेत्र आनंद प्रकाश राणे ने पात्र कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-2 के पद पर अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक पदोन्नत करने के आदेश जारी किए हैं।पदोन्नति आदेश मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग (अराजपत्रित) सेवा भर्ती एवं सेवा शर्त नियम, 1972 तथा शासन द्वारा समय-समय पर किए गए संशोधनों के तहत जारी किए गए हैं। पदोन्नत कर्मचारियों को पे-मैट्रिक्स लेवल-6 (₹25,300–80,500) का वेतनमान मिलेगा।
बताया गया कि उच्च न्यायालय में पदोन्नति संबंधी प्रकरण लंबित रहने के कारण वर्षों से विभाग में प्रमोशन की प्रक्रिया प्रभावित थी। इसके चलते अनेक कर्मचारी पात्र होने के बावजूद बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो गए। न्यायालय के निर्णय के बाद अब विभिन्न विभागों में पदोन्नति प्रक्रिया को गति मिली है।
पदोन्नति प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पूरा कराने में मुख्य अभियंता आनंद प्रकाश राणे, अधीक्षण यंत्री (प्रशासन) डी.के. शरीबान, लेखा अधिकारी संजना चौकसे, शशिकिरण खरे, अंजना श्रीवास्तव एवं तंतुवाय का विशेष योगदान रहा।मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष अटल उपाध्याय सहित देवेंद्र पचौरी, आलोक अग्निहोत्री, जी.पी. द्विवेदी, योगेश देशमुख, रवि बांगड़, प्रशांत तिवारी, भूपेंद्र रघुवंशी, अरविंद शाहू, संजय मजूमदार, अनुराग गुप्ता, नितिन सेलेट, आशीष नामदेव, राजेंद्र गुप्ता एवं रोशन पासी ने मुख्य अभियंता आनंद प्रकाश राणे के प्रति आभार व्यक्त किया। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि विभाग ने 24 घंटे सतत कार्य करते हुए गोपनीय चरित्रावली (सीआर) एवं सेवा अभिलेखों की जांच कर निष्पक्ष और पात्र कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ दिलाया है, जिससे लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों में खुशी का माहौल है।