ओबीसी आरक्षण से जुड़े 91 प्रकरणों की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने गठित की विशेष बेंच

जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर में वर्ष 2019 से लंबित ओबीसी आरक्षण से जुड़े प्रकरणों की सुनवाई के लिए विशेष बेंच का गठन किया गया है। अब इन मामलों की सुनवाई न्यायमूर्ति आनंद पाठक एवं न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ करेगी। सुनवाई 15 जुलाई 2026 से प्रारंभ होगी।ओबीसी आरक्षण से संबंधित प्रकरणों में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद यह विशेष व्यवस्था की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने 19 फरवरी को आदेश जारी करते हुए हाईकोर्ट में लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के लिए विशेष बेंच गठित करने और तीन माह के भीतर सुनवाई पूरी करने के निर्देश दिए थे।इसके बाद तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ताओं का पक्ष सुनने के बाद मध्यप्रदेश शासन का पक्ष सुनने के लिए 16 जून की तारीख निर्धारित की थी। हालांकि न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा के सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत होने और न्यायमूर्ति विनय सराफ के इंदौर स्थानांतरण के कारण सुनवाई की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।ओबीसी वर्ग की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर एवं अधिवक्ता विनायक प्रसाद शाह ने बताया कि न्यायमूर्ति आनंद पाठक एवं न्यायमूर्ति भगवती प्रसाद शर्मा की खंडपीठ ने 16 और 24 जून 2026 को सुनवाई करते हुए 13 जुलाई से शुरू होने वाले सप्ताह में नियमित सुनवाई करने के निर्देश दिए थे।
उन्होंने बताया कि न्यायमूर्ति विनय सराफ पूर्व में इन प्रकरणों की सुनवाई कर चुके हैं, इसलिए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विवेक रूसिया ने 8 जुलाई 2026 को प्रशासनिक आदेश जारी कर ओबीसी आरक्षण से जुड़े सभी 91 प्रकरणों की सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति आनंद पाठक एवं न्यायमूर्ति विनय सराफ की विशेष खंडपीठ गठित की है।अब इन मामलों में हाईकोर्ट में नियमित सुनवाई के माध्यम से लंबित प्रकरणों के निराकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।