रक्षा मंत्री से बीपीएमएस प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात, डिफेंस सिविलियन कर्मचारियों के लंबित मुद्दों पर चर्चा


जबलपुर। भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (बीपीएमएस) के प्रतिनिधिमंडल ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार (आईएएस) से मुलाकात कर डिफेंस सिविलियन कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारियों के हित में लिए गए निर्णयों के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया और कई मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग रखी।
बीपीएमएस के प्रतिनिधिमंडल ने ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड (ओएफबी) के पूर्व कर्मचारियों की रिटायरमेंट तक डीम्ड डेपुटेशन बढ़ाने के निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए सरकार का धन्यवाद किया। इसके साथ ही पात्र कर्मचारियों को ओवरटाइम अलाउंस (ओटीए) के बकाया भुगतान और नाइट ड्यूटी अलाउंस (एनडीए) के भुगतान संबंधी निर्णयों के लिए भी आभार व्यक्त किया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने रक्षा मंत्री और रक्षा उत्पादन सचिव के समक्ष कर्मचारियों की कई लंबित मांगें रखीं। इनमें तय सीमा में छूट के साथ कंपैशनेट अपॉइंटमेंट स्कीम की बहाली, एनपीएस से पहले की रिक्तियों पर भर्ती कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का लाभ, ओएफबी कर्मचारियों को स्थायी सीएसडी स्मार्ट कार्ड, हॉस्पिटल पेशेंट केयर अलाउंस (एचपीसीए) में वृद्धि सहित अन्य मांगें शामिल थीं।
इसके अलावा ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों के अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों, हॉस्पिटल स्टाफ और स्कूलों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को रिटायरमेंट तक डीम्ड डेपुटेशन पर बनाए रखने की मांग भी रखी गई, ताकि उनकी सेवा शर्तों की सुरक्षा बनी रहे।
बीपीएमएस महासचिव रवींद्र कुमार मिश्रा के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल को रक्षा उत्पादन सचिव ने सभी मुद्दों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि कंपैशनेट अपॉइंटमेंट स्कीम को पुन: शुरू करने की दिशा में विभाग सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है और जल्द ही उचित व्यवस्था तैयार होने की उम्मीद है।
उन्होंने ऑर्डनेंस फैक्ट्री अस्पतालों के डॉक्टरों और कर्मचारियों की सेवा शर्तों को सुरक्षित रखने तथा ऑर्डनेंस फैक्ट्री स्कूलों के केंद्रीय विद्यालय संगठन (केव्हीएस) में विलय के बाद शिक्षकों एवं स्टाफ के हितों का ध्यान रखने का आश्वासन दिया।
बैठक में बीपीएमएस पदाधिकारियों ने अन्य लंबित मामलों के शीघ्र समाधान की मांग भी रखी। प्रतिनिधिमंडल में अमित चौबे, रूपेश पाठक, राजेंद्र चराडिया, प्रेमलाल सेन, सतीन शर्मा, संजय प्रधान, राम सिंह धाकड़, रविश रंजन, मुकेश पांडे और रामेश्वर यादव सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।