जबलपुर। पाटन स्थित अपर सत्र न्यायालय ने मां की निर्मम हत्या के मामले में आरोपी 45 वर्षीय राजेन्द्र विश्वकर्मा को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास एवं 5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश स्वयं प्रकाश दुबे ने सत्र प्रकरण क्रमांक 156/2021 में सुनाया। अभियोजन के अनुसार, थाना पाटन क्षेत्र के ग्राम जरौंद निवासी राजेन्द्र विश्वकर्मा अपनी वृद्ध एवं अशक्त मां मूंगा बाई की देखभाल करता था। पत्नी द्वारा मां की सेवा में सहयोग नहीं करने को लेकर घर में अक्सर विवाद होता था। 2020 में हुए विवाद के दौरान आरोपी ने अपनी मां का धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी तथा पत्नी अर्चना पर भी जानलेवा हमला किया। घटना के बाद आरोपी ने आत्मग्लानि में स्वयं का भी गला काटने का प्रयास किया और ग्रामीणों के सामने अपराध स्वीकार किया।
पुलिस ने जांच के दौरान घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र कर आरोपी के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 302 एवं 307 के तहत चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया।
मामले में विशेष लोक अभियोजक संदीप जैन ने 13 अभियोजन साक्षियों के बयान कराते हुए प्रभावी पैरवी की। साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को हत्या के अपराध में दोषसिद्ध कर आजीवन कारावास एवं 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।