मरम्मत के अभाव में शासकीय कालोनियां जर्जर, फूटे खपड़े, टूटी नालियां और नाले परेशानी का सबब बने


जबलपुर। शासकीय कर्मचारियों के शासकीय आवासो में बरसात के पहले मरम्मत कार्य नहीं कराए गए हैं, विभागीय अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा आवासों में निवास करने वाले सदस्यों को झेलना पड़ेगा, पुलिस और स्वास्थ विभाग के खपरैल मकानों में जर्जर छप्पर, सड़ी खिड़कियां, टूटे दरवाजे दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। लैटिन, बाथरूमों में लंबे समय से सुधार कार्य नहीं किया गया है, राजस्व विभाग और जल संसाधन विभाग के आवासों के सामने की नालियां टूटी हुई है, नालियों की सफाई न होने के कारण जगह जगह मलबा भरा हुआ है। शंकर शाह नगर की कालोनी में बाउंड्री वाल गिरी हुई है, कालोनी का मुख्य गेट ही नहीं है, घरों में आवारा तत्व चोरियां कर रहे हैं, रात्रि में चौकीदार भी नहीं रहता, सड़कों में बड़े बड़े गड्ढे है। अनेक आवासों में बिजली के वायर उखड़े पड़े हैं, बरसात में दुर्घटनाएं हो सकती है। आईटीआई, महिला बाल विकास, हिरन जल संसाधन, वन और कोषालय के कर्मचारियों के आवासों में भी अनेक समस्याएं बनी हुई है। व्योहारबाग ओर कैरैप्स के आवासों में पाने भरता है। कर्मचारियों के शासकीय आवासो में बरसात के पहले मरम्मत होना चाहिए लेकिन विभागों में आने वाली राशि अन्य आवासों में लगा दी जाती है।
मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ जिला अध्यक्ष अटल उपाध्याय ने बताया है की कुछ आवासों में बरसती पानी घरों में करीबन 4,5 फुट तक भर जाता है , गृहस्थी का समान नष्ट हो जाता है। नालों के पानी को रोकने दीवार उठा दी जाए तो इस समस्या से मुक्ति मिल सकती है।
मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के अटल उपाध्याय, देवेंद्र पचौरी, आलोक अग्निहोत्री, राजेश चतुर्वेदी, नरेश शुक्ला, विवेक रंजन शुक्ला, राम शंकर शुक्ला, केजी पाठक, मुकेश सिंह, राजा राम डेहरिया, बृजेश मिश्रा, अर्जुन सोमवंशी, मनीष लोहिया, सुशील गुप्ता, विनय नामदेव, सतीश उपाध्याय, अजय दुबे,अरुण पटेल, योगेंद्र मिश्रा, शैलेश गौतम, इंद्रप्रताप यादव, राजू मस्के, प्रसांत सोंधिया ने संबंधित विभागों से बरसात के पहले जर्जर शासकीय आवासो की मरम्मत करवाने की मांग की है।