मैहर। जनपद पंचायत मैहर में अपात्र लोगों को फर्जी बीपीएल प्रमाण पत्र जारी कर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ रीवा ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि पटवारी की सर्वे रिपोर्ट और तहसीलदार के सत्यापन के बिना ही नियम विरुद्ध तरीके से 111 लोगों के फर्जी बीपीएल कार्ड बनाए गए।
2018 से अब तक अपात्र व्यक्तियों ने बीपीएल कार्ड के जरिए शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाया, जिससे राज्य को वित्तीय हानि हुई। इस मामले में ईओडब्ल्यू ने तत्कालीन सीईओ, बीपीएल प्रभारी समेत 6 अधिकारियों के खिलाफ धारा 420, 409, 120-बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)ए, 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और दोषियों पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।