जबलपुर,। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जबलपुर बेंच से भोपाल क्षेत्र को हटाकर उसे इंदौर बेंच के साथ जोड़ने की साजिश हो रही है| उपभोक्ता मंच के अध्यक्ष डॉ पीजी नाजपांडे ने बताया कि उन्हें सूत्रों से यह जानकारी मिली है कि इंदौर तथा भोपाल में यह साजिश रची गई है तथा इसमें कुछ जनप्रतिनिधि भी शामिल है|
इससे चिंतित होकर नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने सुप्रीम कोर्ट तथा मप्र हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को पत्र भेजकर उन्हें हस्तक्षेप करने की प्रार्थना की है| मंच के अनुसार यदि भोपाल क्षेत्र को इंदौर बेंच के साथ जोड़ा जाएगा तो जबलपुर बेंच का कार्यक्षेत्र घट जायेगा, इससे जबलपुर के साथ नाइंसाफी होगी तथा अस्मिता पर अघात पहुंचेगा|
मुख्यालय हटाने की कोशिश………
जबलपुर हाईकोर्ट का विखंडन तो हुआ ही लेकिन बाद में उसके मुख्यालय जबलपुर से हटाने की कोशिश हुई| मंच के डॉ.पीजी नाजपांडे द्वारा दायर जनहित याचिका के बाद यह मामला टल गया|
आयोग ट्रिब्यूनल जबलपुर के बाहर स्थापित……….
वर्ष 1987 में सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि हाईकोर्ट का मुख्यालय जहां है, वहां पर आयोग तथा ट्रिब्यूनल होना चाहिए, लेकिन वर्तमान में बहुतांश आयोग तथा ट्रिब्यूनल जबलपुर के बाहर स्थापित किए गए है| इसके विरोध में डॉ.पीजी नाजपांडे द्वारा दायर जनहित याचिका लंबित है|
जल्द तय होगी विरोध की नीति………….
डेमोक्रेटिक लॉयर्स फोरम के एड.ओपी यादव तथा एड.रविन्द्र गुप्ता तथा नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शन मंच के रजत भार्गव तथा एड.वेदप्रकाश अधौलिया ने बताया कि सभी संगठनों की बैठक बुलाकर विरोध की रणनीति तय की जायेगी|