हम हिंदू विचार को लेकर चल रहे हैं इसलिए विश्व में हमारी स्वीकार्यता बढ़ रही:डॉ पवन स्थापक

जबलपुर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ जबलपुर महानगर द्वारा न्यायिक क्षेत्र, अधिवक्ता एवं चार्टेड एकाउंट श्रेणी की प्रमुख जनगोष्ठी का आयोजन संस्कृति थिएटर कल्चरल स्ट्रीट भंवरताल में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व उप महाधिवक्ता संजय के अग्रवाल और मुख्य वक्ता सक्षम के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. पवन स्थापक सहित महाकौशल प्रांत के संघचालक डॉ. प्रदीप दुबे मंचासीन रहे। कार्यक्रम का शुभारम्भ भारत माता के तैल्यचित्र पर माल्यापर्ण और वंदे मातरम गीत के गायन से किया गया। कार्यक्रम की प्रस्तावना एडवोकेट प्रदीप गुप्ता ने रखते हुए बताया कि विजयादशमी के दिन जब संघ की नींव रखी गई तब से आज लगभग चालीस से अधिक संस्थाएं भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में समाज की सेवा के लिए कार्य कर रही हैं। कार्यक्रम में मंच का संचालन विभाग सरकार्यवाह अखिलेंद्रसिंह ने किया। इस अवसर पर एकलगीत संस्कृति सबकी एक चिरंतन खून रगों में हिंदू है ने सभी को भाव विभोर कर दिया। मुख्य अतिथि अधिवक्ता संजय के अग्रवाल ने कहा कि भारत देश में समाज को एकजुट करने के लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने अहम भूमिका निभायी है। संघ के शताब्दी वर्ष पर जब हम सौ वर्ष पूरे होने पर यह आयोजन कर रहे हैं तब यह निश्चित कहा जा सकता है कि समाज के प्रत्येक वर्ग को जोडऩे के लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने महत्वपूर्ण कार्य किया है। प्रत्येक वर्ग हमारे देश में निवास करता है जिसे एकजुट करने और एकरुपता लाने में संघ के कार्यों का विशेष योगदान है।
अतिथियों से संवाद भी किया दर्शकों ने
कार्यक्रम के दौरान दर्शक दीर्घा से अतिथियों के साथ संवाद भी किया गया जिसमें पूछे गए प्रश्नों का अतिथियों ने उत्तर दिया। कार्यक्रम के आरंम्भ में ही दर्शकों को पत्रक वितरण कर उनके प्रश्न और सुझाव एवं अनुभव आदि लिखित में प्रस्तुत कर अंत में जाते समय एक कलश में रखते हुए जाने के लिए निवेदन किया गया था।
हमारी देव संस्कृति है हम ऋषियों की संतान हैं
मुख्य वक्ता सक्षम के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. पवन स्थापक ने कहा हमारी संस्कृति देव संस्कृति है, स्वयं ईश्वर ने इसका निर्माण किया है, हम ऋषियों की संतान हैं हमारे गौत्र हमें यह बता रहे हैं। डॉ. पवन स्थापक ने कहा कि आज दुनिया में ऐसे कितने संगठन होंगे जो अपना शताब्दी वर्ष मना पा रहे हैं लेकिन हम इसलिए मना पा रहे हैं क्योंकि हम हिंदू विचार को लेकर चल रहे हैं। यूरोपियन विद्वानों तक ने लिखा है कि भारतीय संस्कृति आज भी परिवार को लेकर चल रही है इसलिए भारत विशेष है जबकि पश्चिम में मृत्यु का भय, विषाद और अवसाद है इसलिए हिंदू धर्म और संस्कृति के प्रति दुनिया का विश्वास बढ़ रहा है।
गुरुजी के चिंतन में आ गए थे यह सभी विषय
डॉ. पवन स्थापक ने कहा कि पूज्य गुरुजी संस्थापक प्रथम सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडेगवार के चिंतन में यह बात आई थी कि हमारे ही भारत देश में इतने आक्रमण क्यों हो रहे हैं, अंग्रेज उससे पहले मुगल और उससे पहले अन्य आक्रांता भारत को ही लक्ष्य क्यों कर रहे हैं तो यह पता चला कि हमारा आत्म केंद्रित होना और आत्म विस्मृति हो जाना इसका एक प्रमुख कारण है। इसलिए विदेशी आक्रमण और अतिक्रमण के कारण देश अलग-अलग क्षेत्र-धर्म और संस्कृति में बंट गया इस विषय पर गुरु गोविंददास, चैतन्य महाप्रभु, समर्थ रामदासजी जैसे महात्माओं ने विस्तृत चिंतन किया और स्वामी विवेकानंदजी ने शिकागो से वापस आ कर कहा कि हमें राष्ट्र प्रथम और चरित्र निर्माण एवं व्यक्ति निर्माण करना होगा। इसलिए संघ आज भी आरोग्य भारती, सेवा भारती, विश्व हिंदू परिषद, सक्षम, सरस्वती शिशु मंदिर जैसे संगठनों के माध्यम से समाज के भीतर कार्य कर रहा है। साल 1905 तक कांग्रेस के प्रत्येक मंच से वंदे मातरम गीत गाया जाता रहा है, अब सरकार इसके पूरे अंतरे गा रही है।

पंच परिवर्तन के सिद्धांतों पर दिया जोर
इसलिए हमें अपने देश के गौरव को समझना उस पर गर्व करना और संघ की पंच परिवर्तन की धारा से जुड़ कर कार्य करने की आवश्यकता है जिसमें स्वदेश की भावना, स्वदेश का चिंतन, भारतीय भोजन, परिवेश, रहन-सहन जैसी बातों पर बल दिया जाता है क्योंकि समाज के जागरण हेतु प्रत्येक क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ कार्य कर रहा है। संघ का कार्य तभी पूरा होगा जब संघ और समाज एक होगा इसलिए पंच परिवर्तन की अमृत ज्वाला भारत को विश्व गुरु बनाएगा। हमारी संस्कृति अलग है हम सबको एक देखते हैं वसुधैव कुटुंबकम् बोलते हैं चंद्रमा हमारा मामा हैं। संघ के स्वयं सेवक निस्वार्थ भाव से प्रत्येक क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। डॉ. पवन स्थापक ने पर्यावरण के महत्व, कुटुम्ब प्रबोधन आदि विषयों पर भी क्रमश: अपनी बात विस्तार से रखी। हमें अपने देश के प्रति गौरव लाना होगा और समाज के प्रत्येक वर्ग को समरसता के सिद्धांत पर जोडऩे की आवश्यकता है। कार्यक्रम में न्यायिक क्षेत्र, अधिवक्ता और चार्टेड एकाउंटेंट जगत से काफी लोग उपस्थित रहे।