जेल अस्पताल के शौचालय में विचाराधीन बंदी ने लगाई फांसी, मचा हड़कंप


जबलपुर। जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय कारागार (सेंट्रल जेल) में सोमवार की सुबह एक विचाराधीन बंदी ने जेल के शौचालय में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। बताया गया है कि आरोपी को 16 अगस्त 2024 को न्यायालय द्वारा जेल वारंट जारी किए जाने के बाद जेल में निरुद्ध कराया गया था| 14 महीने से आरोपी जेल में था| इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि फांसी लगाने की सामग्री बंदी तक कैसे पहुंची और अस्पताल वार्ड में उसकी निगरानी में क्या चूक हुई इन सब मामलें की जांच जेल प्रबंधन और पुलिस कर रही हैं| आरोपी के खिलाफ हत्या फिरौती के लिए अपहरण, हत्या, सबूत मिटाना और यौन अपराध के संगीन आरोप थे| पुलिस ने धारा 140(1), 103, 238, 61(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया था|
घटना के संबंध में सिविल लाईन पुलिस थाने से प्राप्त जानकारी के अनुसार सांई कालोनी संजीवनीनगर निवासी 60 वर्षीय गुड्डू उर्फ राजा विश्वकर्मा को संजीवनीनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर गत 16 अगस्त 2024 को न्यायालय के आदेश पर जेल में दाखिल किया था। आरोपी के खिलाफ वर्तमान में चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश जबलपुर के न्यायालय में प्रकरण विचाराधीन है। विचाराधीन बंदी गुडडू उर्फ राजा पिता गुलाब विश्वकर्मा ने सोमवार 20 अप्रैल की सुबह प्रातः8 बजे के लगभग अस्पताल खण्ड के वार्ड क्रमांक 3 के अंदर स्थित शौचालय में फॉसी लगा ली। उक्त घटना के बाद कारागार में हड़कंप मच गया।
नेताजी सुभाषचंद बोस केन्द्रीय जेल जबलपुर से जेल प्रहरी अनुराग शर्मा ने घटना की जानकारी मिलते ही जेल के वरिष्ठ अधिकारियों और सिविल लाईन थाने को दी| इसके बाद वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और आनन फानन जेल प्रशासन ने अस्पताल स्टाफ को तलब किया है। मामले की जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को केन्द्रीय जेल जबलपुर में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल पुलिस और जेल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है
सिविल लाईन पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया, मर्ग कायम कर मामलें की जांच की जा रही है|