जबलपुर। मप्र के सिंगरौली जिले में बैंक डकैती की घटना के बाद, जबलपुर पुलिस बैंकों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट मोड पर आ गई है| इसी सिलसिले में शनिवार को यहां पुलिस कंट्रोलरुम में बैंक प्रबंधकों की बैठक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष गुप्ता ने ली| बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक क्राईम जितेंद्र सिंह, और पल्लवी शुक्ला भी मौजूद रही| इस बैठक में शहर के विभिन्न बैंकों के 50 अधिकारी मौजूद रहे| बैठक में निर्देशित किया गया है कि सभी बैंक प्रबंधक अपने अपने बैंकों में सुरक्षा मानकों और तकनीकी निगरानी के सिस्टम को मजबूत करें| बैठक में कहा गया है कि सिंगरौली की घटना से सबक लेते हुए बैंकों को अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी होगी। बैंक अधिकारियों को हिदायत दी गई कि वे पुलिस के साथ साथ बैंक प्रबंधन की जिम्मेदारी बनती है| लिहाजा भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए। सुरक्षा ढांचे को बेहतर बनाने के लिए बैंकों में अनिवार्य रूप से चैनल गेट लगवाने और कम से कम 3-4 विभिन्न स्थानों पर पैनिक अलार्म व सायरन स्थापित करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस और बैंकों के बीच बने व्हाटसएप ग्रुप……
बैठक में सीसीटीवी कैमरों की कवरेज को लेकर विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। यदि बैंक के भीतर या बाहर कोई भी ऐसा स्थान है जो कैमरों की जद में नहीं है, तो वहां तत्काल कैमरे लगाने की सलाह दी गई ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए थानों और बैंकों के बीच व्हाट्सएप ग्रुप बनाने पर भी सहमति बनी।
दोपहर में बैंकों के आसपास गश्त तेज होगी…………..
सिंगरौली की वारदात के बाद अपराधिक तत्वों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस द्वारा बैंक परिसर के साथ-साथ आसपास के चाय ठेलों और पार्किंग क्षेत्रों की आकस्मिक जांच की जा रही है। बैठक में बैंकों में तैनात निजी सुरक्षा गार्डों को अधिक सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए। बैंक प्रबंधन से कहा गया कि वे गार्डों को प्रशिक्षित करें कि वे बिना काम घूमने वाले संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ करें और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित करें। बैंक अधिकारियों की मांग पर पुलिस ने आश्वस्त किया कि सुबह 11 से 1 और दोपहर 3 से 4 बजे के बीच बैंकों के आसपास पुलिस गश्त को बढ़ाया जाएगा।
गार्डों का पुलिस वेरिफिकेशन कराए…………
बैठक में म्यूल अकाउंट्स के माध्यम से होने वाली मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी जैसे गंभीर विषयों पर भी चर्चा हुई। अवैध धन हस्तांतरण की किसी भी सूचना पर बैंक अधिकारियों को तत्काल साइबर सेल या स्थानीय थाने को सूचित करने के निर्देश दिए गए। सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पेशेवर बनाने के लिए यह अनिवार्य किया गया कि एटीएम और बैंकों में तैनात गार्ड केवल अधिकृत एजेंसियों के हों और वे पूरी तरह प्रशिक्षित व शस्त्रधारी हों। इसके साथ ही निजी सुरक्षा गार्डों और रिकवरी एजेंटों का अनिवार्य रूप से पुलिस वेरिफिकेशन कराने के आदेश दिए गए हैं।