ट्रांसमिशन लाइनों के नीचे निर्माण बनी जानलेवा, एमपी ट्रांसको ने अवैध निर्माणों के खिलाफ शुरु किया अभियान


जबलपुर। मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने प्रदेश में एक्स्ट्रा हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइनों के प्रतिबंधित कॉरिडोर में हो रहे खतरनाक व अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य ऐसे निर्माण हटाने के साथ नागरिकों को संभावित जोखिम के प्रति जागरूक करना है।
नियमानुसार 132 केवी लाइन के दोनों ओर 27 मीटर तथा 220 केवी लाइन के लिए 35 मीटर क्षेत्र सुरक्षा कॉरिडोर के रूप में प्रतिबंधित है, जहां किसी भी प्रकार का निर्माण वर्जित है। इन लाइनों में घरेलू बिजली से 600 से 950 गुना अधिक घातक विद्युत प्रवाहित होती है।
इसी क्रम में अनूपपुर व कोतमा क्षेत्र में 23 अवैध निर्माण चिन्हित कर नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि 4 निर्माण हटाए जा चुके हैं। एम.पी. ट्रांसको जबलपुर के अधीक्षण अभियंता श्री आर.एस. पांडे एवं कार्यपालन अभियंता श्री ए.पी.एस. चौहान के निर्देशन में शहडोल टीएलएम टीम द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। सहायक अभियंता श्री जगदीश असाटी द्वारा स्थानीय प्रशासन के सहयोग से लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

ऊर्जा मंत्री की अपील………..

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने भी नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षा मानकों का पालन करें और ट्रांसमिशन लाइनों के प्रतिबंधित कारीडोर में निर्माण से बचें। सुरक्षित दूरी ही जीवन की सुरक्षा की गारंटी है।