जबलपुर। नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय (एन.डी.वी.एस.यू.), जबलपुर, मध्यप्रदेश के पशु चिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन महाविद्यालय में “पशु आंतरिक एवं रोग निरोधक चिकित्सा विषयक छठा वार्षिक अधिवेशन – 2025”एवं तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, विशिष्ट अतिथि लखन पटेल, पशु पालन एवं डेयरी मंत्री तथा कार्यक्रम के अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. मंदीप शर्मा , आयोजक अधिष्ठाता डॉ आरके शर्मा, आयोजन सचिव डॉ देवेंद्र गुप्ता, वीआईपीएम के अध्यक्ष डॉ एयू भीकाने तथा वीआईपीएम के सचिव डॉ नीलेश शर्मा की उपस्थिति में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं वंदन से हुआ, तत्पश्चात अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ ,अंग वस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर किया गया।
पशु चिकित्सक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे : राकेश सिंह……….
मुख्य अतिथि लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने इस अवसर पर पशु चिकित्सकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वे ग्रामीण आजीविका की रक्षा एवं पशुधन स्वास्थ्य संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों, शासन एवं उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे तकनीकी नवाचार आधारित पशु स्वास्थ्य सेवा को बढ़ावा मिल सके।
पशुपालन एक अच्छा विकल्प : पटेल …………..
विशिष्ट अतिथि पशु पालन मंत्री लखन पटेल ने नवाचार एवं शिक्षा की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि युवा पशु चिकित्सकों को आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर पशु उत्पादन एवं कल्याण के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसानों की आय दुगनी करने के लिए पशुपालन एक बहुत अच्छा विकल्प है उन्होंने पशुपालन विभाग की पशुपालकों हेतु चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं से अवगत कराया।
पशु रोगों से निपटने अनुसंधान आवश्यक : प्रो.शर्मा…….
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलगुरु प्रो मनदीप शर्मा ने कहा कि उभरते और पुनः उभरते पशु रोगों से निपटने के लिए पशु चिकित्सा अनुसंधान एवं व्यवहार में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा विश्लेषण एवं उन्नत तकनीकों का समावेश अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने इस सम्मेलन के विषयों को आज के परिवेश के लिए उपयुक्त बताते हुए कहा कि आज सम्मेलन में विभिन्न राज्यों से वैज्ञानिक आए हुए हैं नि:संदेह सभी अपने-अपने जगह पर हो रहे रिसर्च कार्य को आपस में साझा करेंगे और क्लाइमेट चेंज की चुनौतियों को निपटाने के लिए कोई हाल अवश्य ही निकलेगा।
आयोजन सचिव डॉ. देवेंद्र गुप्ता ने स्वागत भाषण दिया|
तीन दिवसीय कार्यक्रम के प्रथम चरण में मंचासीन अतिथियों द्वारा मंच से राष्ट्रीय संगोष्ठी के कंपेन्डीयम, न्यूज लेटर, वेब एप्लीकेशन तथा डॉ वाष्र्णेय की पुस्तक होम्योपैथी इन वेटरिनरी मेडिसिन का अनावरण एवं विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया।
इस अधिवेशन में देशभर के विभिन्न राज्यों से 400 शोधार्थी, वैज्ञानिक, शिक्षक एवं विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं, जो पशु आंतरिक एवं रोग निरोधक चिकित्सा में हो रहे नवीन अनुसंधान एवं तकनीकी प्रगति पर अपने विचार साझा करेंगे।
वीआईपीएम लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड सेवा निवृत्त प्रोफेसर एंड हेड डॉ पी के शुक्ला को दिया गया। वीआईपीएम फैलोशिप 2025 अवार्ड डा एम चंद्रशेखर चेन्नई, वीआईपीएम एसोसिएट फैलोशिप 2025डॉ अनिल कुमार पटना बिहार ,तीन वीआईपीएम गोल्ड मेडल दिए गए जिसमें स्टीफन एक्टिंगर गोल्ड मेडल केनाइन मेडिसिन के लिए डॉ पंकज भानु दास मुंबई वेटरनरी कॉलेज महाराष्ट्र, थॉमस गौरडन हंगरफॉरड गोल्ड मेडल बोवाइन मेडिसिन 2025 डॉ विजय कुमार परमार कामधेनु यूनिवर्सिटी गुजरात, हेलिन गोल्ड मेडल डॉ आशीष श्रीवास्तव मथुरा को दिया गया।
वीआईपीएम अप्रिशिएसन अवार्ड 2025 डॉ शशि प्रधान जबलपुर ,डॉ मनोहर सेन बीकानेर, डॉ आलोक सिंह अयोध्या, डॉ आदित्य प्रताप जबलपुर को दिया गया।
कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ एस एस तोमर व अन्य अधिकारी, प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
मंच संचालन डॉ आदित्य मिश्रा ,डॉ अमिता तिवारी एवं आभार प्रदर्शन डॉ रणवीर जाटव ने किया।