टेलीकॉम फैक्ट्री भूमि पर कमर्शियल एक्टीवीटी की मांग गलत, हाईकोर्ट के निर्देशानुसार अब यह भूमि ग्रीन बेल्ट घोषित होगी


जबलपुर। टेलीकॉम फैक्ट्री के भूमि पर कमर्शियल एक्टीवीटी की मांग गलत है, यह बताते हुए डॉ पीजी नाजपांडे तथा रजत भार्गव ने जानकारी दी है कि हाईकोर्ट ने टेलीकॉम फैक्ट्री के भूमि को जबलपुर के नए मास्टर प्लान के ग्रीन बेल्ट में शामिल करने की प्रार्थना स्वीकारते हुए अंतरिम आदेश जारी किया है|


उन्होंने कलेक्टर को पत्र सौंपते हुए बताया कि जबलपुर मास्टर प्लान के सिलसिले में मप्र हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका (डब्ल्यूपी 27383/2024) में जानकारी प्रस्तुत की गई है कि टेलीकॉम फैक्ट्री की 70 एकड़ भूमि में लगभग 20 हजार पेड़ का अर्बन फॉरेस्ट बना हुआ है|

इससे ऑक्सीजन टैंक बना है| अत: इसे ग्रीन बेल्ट घोषित कर वहां पर इकोलॉजी पार्क बनाने का मार्ग प्रशस्त किया जाए|

फैक्ट्री भूमि बेचने के विरोध में हस्तक्षेप याचिका…………..

भारत संचार निगम ने मप्र हाईकोर्ट में याचिका (डब्ल्यूपी 2539/2023) दायर कर टेलीकॉम फैक्ट्री के भूमि को बेचने की अनुमति मांगी है| डॉ.पीजी नाजपांडे तथा रजत भार्गव ने हाईकोर्ट में हस्तक्षेप याचिका 9 अगस्त 2024 को दायर कर टेलीकॉम फैक्ट्री भूमि बेचे जाने के प्रस्ताव का विरोध किया है|

उन्होंने दलील पेश की है कि यदि यह भूमि बेची जायेगी तो वहां के 20 हजार पेड़ कांटे जायेंगे तथा ऑक्सीजन टैंक नष्ट हो जायेगी| इससे जबलपुर निवासियों का नुकसान होगा|