एसआईआर : जिले के ढाई लाख से अधिक वोटर्स के कट सकते हैं नाम

जबलपुर। जिला प्रशासन द्वारा एसआईआर के तहत जिले की सभी आठ विधानसभा क्षेत्र में शत-प्रतिशत गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन पूर्ण करने के दावा किया जा रहा हैं।

इन दावों के बीच जिला निवार्चन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम जिले के 19 लाख 25 हजार 472 मतदाताओं में से 2 लाख 62 हजार 722 मतदाताओं के गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हुए हैं।

इन मतदाताओं में 50 हजार 992 मृत, 77 हजार 450 अनुपस्थित, 1 लाख 18 हजार 898 स्थाई तौर पर स्थानांतरित मतदाता भी शामिल है। कहा जा रहा हैं कि गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं होने पर ऐसे मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाये जा सकते हैं।

जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार एएसडीआर (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और रिपिटेड) श्रेणी के ऐसे मतदाता जिनके गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हुए हैं, उनके नाम मतदाता सूची से कटने की संभावना बलवति हो गई हैं|

सर्वाधिक 51 हजार नाम पूर्व से………….

एएसडीआर की श्रेणी में सबसे अधिक मतदाता जबलपुर पूर्व में 51 हजार 015, इसके बाद जबलपुर पश्चिम 47 हजार 139, जबलपुर केंट में 41 हजार 801, पनागर 31 हजार 123, जबलपुर उत्तर में 27 हजार 176, बरगी में 24 हजार 308, विधानसभा क्षेत्र पाटन के 21 हजार 608 एवं सिहोरा विधानसभा क्षेत्र के 18 हजार 552 मतदाता शामिल हैं। एएसडीआर श्रेणी के ये मतदाता जिले के कुल मतदाताओं का 13.64 प्रतिशत हैं।

शत प्रतिशत डिजिटाइजेशन का दावा……….

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के अंतर्गत जबलपुर जिले के नाम बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। विधानसभा क्षेत्र जबलपुर केंट के मतदाताओं के गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन के साथ ही सोमवार को जिले की सभी आठ विधानसभा क्षेत्र में तीन दिन शेष रहते शत-प्रतिशत गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन पूर्ण कर लिया गया है। जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों पाटन, बरगी, सिहोरा, पनागर, जबलपुर उत्तर, जबलपुर पश्चिम एवं जबलपुर पूर्व में यह काम पहले ही पूरा कर लिया गया था।

कलेक्टर ने दी बधाई…………

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने जिले की आठों विधानसभा क्षेत्र में शत-प्रतिशत मतदाताओं के गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा होने पर सभी बीएलओ एवं बीएलओ के सहायकों, बीएलओ सुपरवाईजर, सेक्टर अधिकारियों तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को बधाई दी है।

श्री सिंह ने एसआईआर के अंतर्गत मतदाताओं के घर-घर सत्यापन, गणना पत्रकों का वितरण और गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन के कार्य के प्रति इन अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लगन और निष्ठा की सराहना भी की है।

अन्यथा शामिल नहीं होगा नाम…………

जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र नहीं भरे हैं, वे अभी भी 9, 10 और 11 दिसम्बर को अपने बीएलओ से संपर्क कर अपने गणना प्रपत्र भरकर सौंप सकते हैं, अन्यथा उनका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जा सकेगा।

ऐसे मतदाताओं जिनके गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हुये हैं उनके नाम 16 दिसम्बर को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में मतदान केन्द्रों पर रखे जायेंगे तथा इन पर दावे-आपत्तियां प्रस्तुत की प्रक्रिया की जा सकेंगी।

सवा लाख की नहीं हो सकी मैपिंग…………

जिला निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक ऐसे मतदाता जिनके गणना प्रपत्र डिजिटाइज्ड किये जा चुके हैं उनमें 1 लाख 15 हजार 490 ऐसे मतदाता भी हैं जिनका 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग नहीं हो सकी हैं, उन्हें नोटिस जारी किये जायेंगे।

ऐसे मतदाताओं को 16 दिसम्बर को प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद दावे-आपत्ति प्राप्त करने की प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दस्तारवेजों में से आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।