जबलपुर। गुरुवार रात भड़के साम्प्रदायिक तनाव के बाद सिहोरा को पूरी तरह शांत करने के लिए प्रशासन और पुलिस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। लगातार तीसरे दिन भी कस्बे में भारी पुलिस बल तैनात रहा। शुक्रवार देर रात एक बार फिर संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला गया और 60 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए लोगों को माढ़ोताल थाने में ही रखा गया है, जहां उनसे पूछताछ जारी है। जिसका असर था की शनिवार सुबह तक सिहोरा पटरी पर लौट आया। बाजार खुलने लगे और सड़क पर चहल पहल नजर आई। हालांकी शनिवार को हुई 5-8 वीं बोर्ड परीक्षाओं में बीते दिनों हुई हिंसा का असर साफ देखने मिला, सिहोरा अंतर्गत आने वाले स्कूलों में हुई परीक्षा में करीब 450 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे.
प्रशासन का दावा है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन लोगों में दहशत का माहौल अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। सबसे ज्यादा असर स्थानीय व्यापार पर पड़ा है। दो दिन पहले तक निर्भय होकर दुकानें खोलने वाले व्यापारी अब सहमे हुए नजर आ रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि गुरुवार रात करीब साढ़े नौ बजे दो पक्षों के बीच हुए विवाद ने तनाव का रूप ले लिया था। हालात बमुश्किल काबू में आए थे। कलेक्टर और एसपी को दो बार मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी थी।
एसपी सम्पत उपाध्याय ने दोहराया कि किसी भी धार्मिक स्थल को नुकसान नहीं पहुंचा है और पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
जनजीवन पटरी पर लौटने लगा…
घटना के तीसरे दिन शनिवार सुबह से जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य होता दिखाई दिया। लोग अपने रोजमर्रा के कामों के लिए घरों से निकलने लगे। आधे से अधिक बाजार खुल गए, हालांकि ग्राहक संख्या अभी भी कम है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार कई थानों की पुलिस, सीएसपी और टीआई स्तर के अधिकारी पूरे सिहोरा कस्बे में तैनात हैं। हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
दहशत के साए में हुईं परीक्षाएं…
तनाव के बीच कक्षा 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं भी आयोजित हुईं। शासकीय कन्या शाला और सीएम राइज स्कूल में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। मुख्य मार्ग बस स्टैंड से होकर गुजरता है, जहां विवाद और हंगामा हुआ था। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों को कई किलोमीटर बाइपास मार्ग से घुमाकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाना पड़ा।
परीक्षा में 450 बच्चे अनुपस्थित….
छात्रों ने दहशत के माहौल में परीक्षा दी। कुल 30 परीक्षा केंद्रों पर 6371 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 5886 छात्रों ने परीक्षा दी, जबकि 450 से अधिक विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। कक्षा 5 के हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों की अंग्रेजी और अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों की हिंदी परीक्षा आयोजित हुई।
व्यापार पर पड़ा सबसे ज्यादा असर…
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि दो दिन की बंदी और भय के कारण कारोबार पर बुरा असर पड़ा है। हालांकि प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही हालात पूरी तरह सामान्य होंगे।
फिलहाल सिहोरा में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन पुलिस और प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहे हैं। नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की गई है।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में फ्लैग मार्च…..
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के नेतृत्व में शुक्रवार देर रात निकाले गए फ्लैग मार्च में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष गुप्ता, एएसपी जोन-3 सूर्यकांत शर्मा, यातायात एएसपी अंजना तिवारी, एसडीओपी सिहोरा, पाटन सहित जिले भर के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।
फ्लैग मार्च सिहोरा के संवेदनशील क्षेत्रों से गुजरा। अधिकारियों ने आम नागरिकों से शांति और एकता बनाए रखने की अपील की तथा अफवाहों से दूर रहने को कहा।