श्रीधाम स्टेशन में वारदात, यात्रियों में दहशत, संघमित्रा एक्सप्रेस में पथराव, खिड़कियों के कांच टूटे


जबलपुर। जबलपुर रेल मंडल के अंतर्गत श्रीधाम स्टेशन के आउटर क्षेत्र में चलती ट्रेन पर पथराव की गंभीर घटना सामने आई है। दानापुर से चेन्नई जा रही संघमित्रा एक्सप्रेस जैसे ही पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर मंडल अंतर्गत श्रीधाम आउटर क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी अज्ञात असामाजिक तत्वों ने अचानक ट्रेन पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। इस हमले की चपेट में ट्रेन की पेंट्रीकार आ गई, जिसके चलते उसकी खिड़कियों के कांच पूरी तरह टूट गए। घटना के समय पेंट्रीकार के भीतर कर्मचारी यात्रियों के लिए भोजन तैयार कर रहे थे। अचानक हुए पथराव से ट्रेन में सवार यात्रियों और रेल कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। यात्री डर के मारे अपनी सीटों पर सिमट गए, वहीं पेंट्रीकार स्टाफ जान बचाने के लिए इधर-उधर भागता नजर आया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी यात्री या रेल कर्मचारी को कोई गंभीर चोट नहीं आई और सभी सुरक्षित बताए जा रहे हैं। बावजूद इसके, चलती ट्रेन पर हुए इस हमले ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

रेलवे और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट …..

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन हरकत में आ गया। ट्रेन के अगले स्टेशन पर पहुंचते ही रेलवे अधिकारियों के साथ रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और जीआरपी की टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। क्षतिग्रस्त पेंट्रीकार का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया गया और संबंधित कर्मचारियों व पेंट्रीकार स्टाफ के बयान दर्ज किए गए।

सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे………

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पथराव करने वाले अज्ञात आरोपियों की पहचान के लिए घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। इसके साथ ही रेल ट्रैक के आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। रेलवे पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही दोषियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल………….

लगातार ट्रेनों पर हो रही पथराव की घटनाओं को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। अधिकारियों ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा है। रेलवे का कहना है कि ऐसे मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल इस घटना के बाद यात्रियों में डर का माहौल है और लोग रेलवे से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।