8 दिन जबलपुर में रहेंगे सरसंघचालक डॉ. भागवत,


जबलपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत शनिवार सुबह जबलपुर पहुँचे। वे 25 अक्टूबर से 1 नवंबर तक लगातार 8 दिन यहाँ ठहरेंगे।

संघ की अखिल भारतीय वार्षिक बैठक जबलपुर में आयोजित की जा रही है, जिसमें देशभर से शीर्ष स्तर के पदाधिकारी शामिल होंगे। यह भी उल्लेखनीय है कि भागवत पहली बार जबलपुर में इतने लंबे समय तक रहकर बैठकों में हिस्सा लेंगे।


आरएसएस पदाधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि संघ के 46 प्रांतों से लगभग 500 अधिकारी तीन दिवसीय बैठकों में भाग लेने पहुँचे हैं। इन बैठकों का मुख्य फोकस पंच परिवर्तन पर रहेगा, जिसे संघ 101वें वर्ष में प्रवेश के साथ ज़मीन पर उतारने की तैयारी कर रहा है।

वहीं, जानकारी के अनुसार भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा भी बैठक में एक दिन शामिल होंगे।

लगातार जारी रहेगा विमर्श………

बैठकों का क्रम 28 अक्टूबर से शुरू होगा। पहले दिन अखिल भारतीय अधिकारी, क्षेत्र कार्यवाह और क्षेत्र प्रचारक चर्चा करेंगे। 29 अक्टूबर को प्रांत स्तर के पदाधिकारियों की बैठक होगी।

इसके बाद 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की प्रमुख बैठक आयोजित की जाएगी। इन बैठकों में सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, छह सह सरकार्यवाह सहित विभिन्न क्षेत्रों और प्रांतों के संघचालक, कार्यवाह, प्रचारक और समविचारी संगठनों के अधिकारी मौजूद रहेंगे।

क्या है पंच परिवर्तन…

संघ द्वारा प्रस्तावित पंच परिवर्तन समाज को मज़बूत बनाने के पाँच स्तंभों पर आधारित है. पहला स्तंभ स्व-बोध यानी स्वदेशी और अपनी जड़ों की पहचान को बढ़ावा, दूसरे स्तंभ नागरिक कर्तव्य के प्रति जागरूकता, तीसरा पर्यावरण की रक्षा और संतुलन, चौथा सामाजिक समरसता के माध्यम से एकता, और पांचवा स्तंभ कुटुम्ब प्रबोधन, जिसके तहत परिवार को संस्कार और संवाद का केंद्र मानकर मज़बूत करने की बात कही गई है। संघ का मानना है कि इन पाँच क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव से देश की सामाजिक और सांस्कृतिक नींव और सुदृढ़ होगी।