जबलपुर, 18 फरवरी, 2026:- जब सेवा साधना बन जाए और प्रकृति के प्रति संवेदना जीवन का मूल मंत्र हो, तब पावन संकल्प जन्म लेते हैं। मानव सेवा और लोक कल्याण की इसी दिव्य चेतना को साकार रूप प्रदान करने हेतु संत निरंकारी मिशन द्वारा ‘प्रोजेक्ट अमृत’ के अंतर्गत ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ अभियान के चौथे चरण का भव्य शुभारंभ रविवार, 22 फरवरी 2026 प्रातः 8 बजे से 11 बजे तक परम श्रद्धेय सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के निर्देशानुसार समस्त भारत में भव्य रूप से आयोजित किया जा रहा है।
संत निरंकारी मंडल के सचिव आदरणीय श्री जोगिंदर सुखीजा जी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह विशाल अभियान देशभर में 1500 से अधिक स्थानों में एक साथ आयोजित किया जाएगा। इस व्यापक विस्तार के कारण यह प्रयास ऐतिहासिक स्वरूप धारण करेगा, जो जल संरक्षण तथा स्वच्छता के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक प्रभावशाली रूप से पहुँचाएगा।
संस्कारधानी जबलपुर में प्रोजेक्ट अमृत अभियान मेंसेवादारों व साधसंगत पांच टीमों में अपनी एरिया अनुसार बंटकर निम्नस्थानों पर प्रात: 08 से 11 बजे तक नदी, तट की सफाई व जल स्त्रोत के आस-पास भी सफाई कार्य किया जायेगा l
01. गौरीघाट में नर्मदा जी के तटपर जबलपुर व धनपुरी
02. तिलवारा घाट पर गढ़ा क्षेत्र के सेवादार व साध संगत
03. हनुमान ताल पर लालमाटी एवं जबलपुर के सेवादार व साध संगत
04. महाराजपुर तालाब अधारताल एवं पनागर के सेवादार व साध संगत
05. मानेगांव तालाब लालमाटी एवं जबलपुर के सेवादार व साध संगत
प्रत्येक स्थानों पर 100 सेअधिक सेवादार व साध संगत पांच टीमों में बंटकर अपनी सेवाएँ देंगे l
संत निरंकारी मिशन ने बाबा हरदेव सिंह जी की प्रेरणास्पद शिक्षाओं को आत्मसात करते हुए वर्ष 2023 में संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से ‘प्रोजेक्ट अमृत’ का सूत्रपात किया था।
नदियों, झीलों, तालाबों, कुओं एवं झरनों जैसे प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन हेतु समर्पित इस जनआंदोलन ने अपने प्रथम तीन चरणों में सेवा, समर्पण और सहभागिता की अद्भुत मिसाल प्रस्तुत की है।
गीतों की मधुर प्रस्तुतियाँ, सामूहिक गान, जागरूकता संगोष्ठियाँ एवं सोशल मीडिया अभियानों के माध्यम से जलजनित रोगों तथा स्वच्छता के महत्व पर जनचेतना को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
सतगुरु माता जी का संदेश सदैव यही रहा है कि हम इस धरती को आने वाली पीढ़ियों के लिए पहले से अधिक सुंदर, स्वच्छ और संतुलित रूप में संजोकर रखें। ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ अभियान उसी पावन संकल्प का सजीव प्रतीक है, जो मानव को प्रकृति, समाज और आत्मा से जोड़ते हुए करुणा, संतुलन और सौहार्द से परिपूर्ण भविष्य की ओर मार्गदर्शन करता है।