नालें नालियों से पाईप लाईनें हटाने नहीं बनाई गई डीपीआर, सरकार से राशि पाने में पिछड़ गया जबलपुर शहर


जबलपुर । नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच सहित अनेक जनसंगठनों ने नगर निगम के रवैये पर चिंता व्यक्त की है| मंच के अध्यक्ष डॉ पीजी नाजपांडे ने इस बात पर घोर आश्चर्य जताया है कि नाले नालियों से गुजर रही पाईप लाईनों को हटाने के लिए जबलपुर नगर निगम द्वारा अब तक डिटेल प्रोजेक्टर रिपोर्ट (डीपीआर) नहीं बनाई गई, जबकि जबलपुर में 80 प्रतिशत पाईप लाईनें नाली नालों से गुजर रही है|

ऐसी लाईनों को हटाने या बदलने के लिए चिन्हित नहीं किया गया, लिहाजा मप्र सरकार से काम के लिए आर्थिक अनुदान नहीं मिल पाया है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर इस काम में आगे निकल गए, उन्हें अमृत जल परियोजना के तहत अतिरिक्त राशि भी मिल गई और जबलपुर पिछड़ गया|


उन्होंने कहा कि नगर निगम द्वारा अतिरिक्त राशि की मांग का प्रस्ताव सरकार को नहीं भेजा गया| इस संबंध में जनसंगठनों की ओर से महापौर और नगर निगम आयुक्त को एक ज्ञापन देकर शीघ्र ही डीपीआर बनाने और पाईपलाईनों को बदलने की मांग की गई|

विधानसभा सत्र शुरु होने के पूर्व भेजे मांग………..

जनसंगठनों ने मांग की है कि डीपीआर के आधार पर आंकी गई लागत की राशि हेतु पत्र शासन को विधानसभा सत्र शुरु होने के पूर्व भेजा जाए| जनसंगठनों ने मंगलवार को नगर निगम जाकर महापौर तथा नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपा|


इस अवसर पर डॉ.पीजी नाजपांडे, एड.वेदप्रकाश अधौलिया, टीके रायघटक, डीके सिंह, सुशीला कनौजिया, संतोष श्रीवास्तव, दिलीप कुंडे, पीएस राजपूत, अर्जुन कुमार, एड.ब्रजेश साहू तथा राममिलन शर्मा आदि उपस्थित थे|