जबलपुर । नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (सेंट्रल जोन) ने 28 जनवरी को आदेश जारी कर उमाघाट (गौरीघाट), ललपुर, गुलौआ तालाब तथा रानीताल तालाब के बंद पड़े एसटीपी को बिना कोई देर किए तत्काल शुरु करने के निर्देश जारी किए थे, किन्तु इसे अब 8 दिन बीतने के बावजूद भी इन एसटीपी को अपने क्षमता के साथ शत प्रतिशत में कार्यरत नहीं किया गया है, उनका कार्य भी जल गुणवत्ता के मापदंडों के तहत नहीं है|
लिहाजा नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने समिति गठित कर जांच करने की मांग के साथ ही दोषियों से पर्यावरण मुआवजा वसूलने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मांग को लेकर एनजीटी में मंच के अध्यक्ष डॉ. पीजी नाजपांडे तथा रजत भार्गव ने याचिका दायर की है|
याचिकाकर्ता के एड.प्रभात यादव ने बताया कि ललपुर (नर्मदा) का एसटीपी बंद या क्षमता के अनुसार कार्य नहीं करने से जबलपुर के लाखों नागरिकों को पीने के शुद्ध जल की समस्या खड़ी हुई है|
याचिका में कहा गया है उमाघाट (गौरीघाट) में हजारों श्रद्धालु रोज आते है, अत: एसटीपी बंद होने से उनके स्वास्थ्य पर विपरीत परिणाम होगा| गुलौआ तालाब में एसटीपी बंद होने से हजारों मछलियां मरी है| रानीताल तालाब ऐतिहासिक एवं विरासत है, अत: एसटीपी बंद होने से उसे नुकसान होगा|