जबलपुर। अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कैलाश जाटव की अध्यक्षता में बुधवार को यहां पुलिस विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि धर्मांतरण कराने वाले एनजीओ पर शिकंजा कसा जाए| प्रदेश अध्यक्ष ने अनुसूचित जाति बाहुल्य बस्तियों में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने पुलिस विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए कि इन क्षेत्रों में बढ़ रहे अपराध और नशे की प्रवृत्ति पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जाए। इस दौरान बैठक से नदारद रहने वाले थाना प्रभारियों को लेकर उन्होंने सख्त रवैया अपनाते हुए कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अनुपस्थित अधिकारियों को जवाब-तलब के लिए जल्द ही भोपाल मुख्यालय बुलाया जाएगा।
कैलाश जाटव ने कहा कि पुलिस को केवल दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि सजगता अभियान के तहत इन बस्तियों में जागरूकता शिविर आयोजित करने, लोगों को समझाने और नशामुक्ति के लिए पुनर्वास केंद्र खोलने जैसे सकारात्मक कदम भी उठाने चाहिए।
इसके साथ ही, बैठक में बस्तियों के भीतर हो रहे अवैध धर्मांतरण के संवेदनशील मुद्दे पर भी कड़ा रुख अपनाया गया। कैलाश जाटव ने पुलिस प्रशासन को ऐसी गतिविधियों में लिप्त संदिग्ध एनजीओ को चिन्हित कर उनके खिलाफ तत्काल वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एट्रोसिटी एक्ट के तहत पीड़ित महिलाओं की थानों में पूरी संवेदनशीलता के साथ सुनवाई होनी चाहिए, अधिकारी उनके साथ ससम्मान बातचीत करें और त्वरित एफआईआर दर्ज कर एक्शन लें।