जबलपुर। प्रदेश में विद्युत पारेषण तंत्र को सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाने के लिए जहां नये सबस्टेशन, ट्रांसमिशन लाइनें और उच्च क्षमता वाले ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा रहे हैं, वहीं पुराने सबस्टेशनों को भी वर्तमान तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप उन्नत किया जा रहा है।
इसी क्रम में मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) द्वारा जबलपुर स्थित व्हीकल फैक्ट्री उपकेन्द्र के उन्नयन के बाद अब पिपरिया में 48 वर्ष पुराने 132 के.वी. सबस्टेशन का रिमॉडलिंग कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है।
‘गुणवत्ता पूर्ण बिजली’ : तोमर…….
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस महत्वपूर्ण रिमॉडलिंग कार्य को सफलतापूर्वक पूर्ण करने के लिए एमपी ट्रांसको के इंजीनियरों एवं समस्त कार्मिकों को बधाई देते हुए कहा कि यह सुधार पिपरिया उपकेन्द्र की विश्वसनीयता, वहन क्षमता और विद्युत आपूर्ति गुणवत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित करेगा। इससे क्षेत्र के उपभोक्ताओं को अधिक स्थिर, सुरक्षित और निर्बाध बिजली आपूर्ति प्राप्त होगी।
लोड बढ़ने के कारण आवश्यक था उन्नयन ……….
एमपी ट्रांसको के अतिरिक्त मुख्य अभियंता पी. एस. राघव ने बताया कि 06 अगस्त 1977 को स्थापित इस सबस्टेशन की प्रारंभिक क्षमता 28.5 एमवीए थी तथा यह सिंगल पैंथर कंडक्टर आधारित मैन बस पर संचालित होता था।
अब सबस्टेशन की क्षमता बढ़कर 126 एमवीए हो जाने के कारण पुरानी मैन बस पर लोड अत्यधिक बढ़ गया था, जिसके चलते कई स्थानों पर क्षति के संकेत मिल रहे थे।
इसी कारण इसका आधुनिकीकरण अत्यंत आवश्यक हो गया था। तकनीकी मानकों के अनुसार सिंगल पैंथर कंडक्टर को हटाकर अब इसे उच्च दक्षता वाले आधुनिक ट्विन ज़ेबरा कंडक्टर से प्रतिस्थापित किया गया है।
उपलब्ध सीमित स्थान के बावजूद पूरे रिमॉडलिंग कार्य को ऑक्ज़िलरी बस स्ट्रक्चर पर ही सावधानीपूर्वक इरेक्शन करते हुए समयबद्ध, सुरक्षित और सफलतापूर्वक पूरा किया गया।