फॉर्म भरा रहे बीएलओ की तबीयत बिगड़ी,  मौत, एमपी में 10 दिन में 5 बीएलओ की गई जान; कर्मचारी संगठन ने की परिवार को मुआवजे की मांग

शहडोल|  सोमवार को लोगों से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) का फॉर्म भरवाने के दौरान बीएलओ को एक अधिकारी का कॉल आया, इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। कुछ ही देर में बीएलओ की मौत हो गई।

मध्य प्रदेश में 10 दिन में ये बीएलओ की मौत का पांचवा मामला है। प्राप्त जानकारी के अनुसार शहडोल जिले के सोहागपुर में बीएलओ मनीराम नापित (54) की सोमवार शाम को हार्ट अटैक से मौत हो गई। वे पतेरिया गांव में मतदाताओं से प्रपत्र भरवा रहे थे।

इसी दौरान उन्हें एक अधिकारी का फोन आया। फोन रखने के तुरंत बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्होंने अपने बेटे आदित्य को फोन पर इसकी सूचना दी।

इसके बाद आदित्य पिता को घर लेकर आया। तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर मेडिकल कॉलेज के लिए निकले, लेकिन यहां पहुंचने से पहले ही बीएलओ ने दम तोड़ दिया।

मध्यप्रदेश की 230 विधानसभा में 4 नवंबर से एसआईआर का काम चल रहा है। प्रदेश के कुल 5 करोड़ 74 लाख 5 हजार वोटर्स के फॉर्म डिजिटलाइज करने हैं।

इस काम में 65 हजार 14 बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन काम के तनाव की वजह से उनकी जान पर बन आई है।

मप्र तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने मुख्य चुनाव आयुक्त नई दिल्ली को पत्र लिखा है। जिसमें एसआईआर सर्वे के दौरान मृत होने या घायल-तबीयत खराब होने वाले कर्मचारियों को राहत देने की मांग की गई।

ठीक उसी तरह जैसे चुनाव के दौरान मदद दी जाती है। मृत कर्मचारी के परिजन को 15 लाख रुपए और घायल या बीमार होने वाले कर्मचारी का सारा इलाज मुफ्त में कराने की मांग की गई है।